कोलकाता, नौ मई पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को नोबल पुरस्कार से सम्मानित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 162वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
एक कवि, लेखक, नाटककार, संगीतकार, चित्रकार, दार्शनिक और समाज सुधारक, टैगोर अपने कविताओं के संग्रह 'गीतांजलि' के लिए साहित्य में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले एशियाई थे।
राजभवन ने एक ट्वीट में कहा, "डॉ सीवी आनंद बोस ने महान साहित्यकार, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद किया। उनके द्वारा किए गए कार्य हमें और युवा पीढ़ियों को जीवन की जटिलताओं को विनम्रता और गरिमा के साथ गले लगाने और जीवन की सुंदरता का जश्न मनाने के लिए हमेशा प्रेरित करते हैं।"
वहीं, गुरुदेव को याद करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि साहित्य और कला में टैगोर के योगदान ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आकार दिया है और दुनिया भर में कई लोगों को प्रेरित किया है।
बनर्जी ने ट्वीट किया, "मैं गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। साहित्य और कला में उनके महान योगदान ने हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आकार दिया है और दुनिया भर में कई लोगों को प्रेरित किया है। उनकी शिक्षाएं और दर्शन हम सभी का मार्गदर्शन करते रहें।"
टैगोर का जन्म बंगाली कैलेंडर के अनुसार वर्ष 1348 में 'बोइसाख' के 25वें दिन हुआ था, जो इस साल नौ मई को पड़ता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, उनका जन्म सात मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में हुआ था।
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