कोलकाता, 23 जून पश्चिम बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ लड़ाई में तृणमूल कांग्रेस के ‘‘विश्वसनीय प्रतिद्वंद्वी’’ होने को लेकर सवाल उठाया।
दोनों दल राज्य में चल रही पंचायती चुनाव प्रक्रिया में एक-दूसरे पर तीखे चुनावी हमले कर रहे हैं।
माकपा के स्थानीय नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उसने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा संसद में लाए गए किसी विधेयक के खिलाफ मतदान नहीं किया है।
माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य और पूर्व सांसद समिक लाहिड़ी ने कहा, ‘‘पहले उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए तभी जनता उनकी सुनेगी।’’
पार्टी की प्रदेश समिति में भी शामिल और प्रदेश सचिवालय के सदस्य लाहिड़ी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार पश्चिम बंगाल में विपक्षी ताकतों को वैसे ही दबाने की कोशिश कर रही है जैसा कि भाजपा दिल्ली में कर रही है।
लाहिड़ी की टिप्पणी ऐसे समय आई जब उनकी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पटना में शुक्रवार को विपक्षी दलों की हुई बैठक में ममता बनर्जी के साथ मंच साझा कर रहा था।
माकपा को वर्ष 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली थी और वह आठ जुलाई को होने वाले पंचायत चुनाव में वापसी की उम्मीद से मैदान में है।
लाहिड़ी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘दोनों दलों (तृणमूल कांग्रेस और भाजपा) में कोई अंतर नहीं है।’’ उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस गोवा, त्रिपुरा और मेघायल विधानसभा चुनाव में खेल बिगाड़ने के बाद अब महागठबंधन का हिस्सा बनने की कोशिश कर रही है।
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