जरुरी जानकारी | ऋण गारंटी योजना के तहत बैंकों ने एमएसएमई के लिये मंजूरी किये 75,000 करोड़ रुपये के कर्ज

नयी दिल्ली, 22 जून वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि बैंकों ने अबतक सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिये 3 लाख करोड़ रुपये के आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 75,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

एक जून से शुरू शत प्रतिशत गारंटी वाली इस योजना के तहत अबतक 32,894.86 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिये पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) के लिये घोषित 3 लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना है।

सीतारमण ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘ सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों ने 100 प्रतिशत आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत अबतक 75,426.39 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है जिसमें से 32,894.86 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं।’’

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वित्त मंत्रालय के आंकड़े में सार्वजनिक क्षेत्र के 12 और निजी क्षेत्र के 16 बैंकों के आंकड़े शामिल हैं।

उन्होने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘...इसमें से सर्वाजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अबतक 42,739.12 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं जिसमें से 22,197.54 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं।’’

वहीं निजी क्षेत्र के बैंकों ने 32,687.27 करोड़ रुपये मंजूर किये जबकि अबतक 10,697.33 करोड़ रुपये वितरित किये गये।

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