नयी दिल्ली, एक जुलाई सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) एवं वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के चयन के लिए गठित बैंक बोर्ड ब्यूरो (बीबीबी) को कुछ संशोधनों के साथ वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (एफएसआईबी) में तब्दील कर दिया है।
सूत्रों ने इस बदलाव की जानकारी देते हुए कहा कि अब सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के महाप्रबंधकों एवं निदेशकों के चयन का दायित्व भी नवगठित एफएसआईबी को दे दिया गया है।
दरअसल बीबीबी के स्वरूप में बदलाव दिल्ली उच्च न्यायालय के पिछले साल के आदेश की वजह से जरूरी हो गया था। अदालत ने कहा कि बीबीबी सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के महाप्रबंधकों एवं निदेशकों के चयन के लिए एक सक्षम संस्था नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले की वजह से गैर-जीवन बीमा कंपनियों के करीब आधा दर्जन नवनियुक्त निदेशकों को पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने वित्तीय सेवाएं विभाग से कहा कि वित्त मंत्री की सहमति से राष्ट्रीयकृत बैंकों की प्रबंधन योजना में जरूरी बदलाव कर एफएसआईबी के गठन का प्रस्ताव पेश करे। यह बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के पूर्णकालिक निदेशकों एवं गैर-कार्यकारी चेयरमैन की नियुक्ति संबंधी अनुशंसा करने वाला इकलौता निकाय होगा।
सूत्रों के मुताबिक एसीसी ने बीबीबी के पूर्व चेयरमैन भानु प्रताप शर्मा को दो साल के लिए एफएसआईबी के पहले प्रमुख के रूप में नियुक्त भी कर दिया है।
इस नवगठित इकाई के अन्य सदस्यों में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिमेष चौहान, आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक दीपक सिंघल और आईएनजी वैश्य बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक शैलेंद्र भंडारी शामिल हैं।
वर्ष 2016 में बीबीबी का गठन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के पूर्णकालिक निदेशकों एवं गैर-कार्यकारी चेयरमैन की नियुक्ति के बारे में सिफारिश करने वाली संस्था के तौर पर किया गया था। इसे सभी सार्वजनिक बैंकों के निदेशक मंडल के संपर्क में रहते हुए उनकी वृद्धि एवं विकास के लिए समुचित रणनीति बनाने का भी दायित्व सौंपा गया था।
प्रेम
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