विदेश की खबरें | बांग्लादेश ने विदेशी दूतों की ‘‘अतिरिक्त सुरक्षा’’ वापस ली
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ढाका, 16 मई बांग्लादेश ने भारत और तीन अन्य देशों के शीर्ष राजनयिकों को मिली "अतिरिक्त सुरक्षा’’ वापस ले ली है और विदेश मंत्री डॉ एके अब्दुल मोमन ने मंगलवार को इस सेवा को अनावश्यक, महंगा और भेदभावपूर्ण करार दिया।

भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब के दूतों को शहर में आवाजाही के दौरान विशेष सुरक्षा मुहैया करायी जाती थी और विशेष उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी अपनी गाड़ियों में उनके साथ चलते थे। एक जुलाई, 2016 को ढाका के एक नामी रेस्तरां में इस्लामी आतंकवादी हमले के बाद इन देशों के दूतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

उस हमले में एक भारतीय लड़की सहित कुल 20 लोगों की मौत हो गयी थी। उनमें से 17 लोग विदेशी थे।

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के राजनयिक सुरक्षा प्रभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा, “हम कुछ विशेष देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करा रहे थे, उन्हें वापस ले लिया गया है। लेकिन उनको सामान्य सुरक्षा मिलती रहेगी।’’

अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने के अनुरोध के साथ कहा कि सशस्त्र पुलिसकर्मी दूतों की आवाजाही के दौरान उनके साथ रहेंगे और उनके कार्यालयों एवं आवासों की सुरक्षा पहले की ही तरह जारी रहेगी।

विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा कानून व्यवस्था को देखते हुए कुछ दूतों को अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है और अतिरिक्त सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया गया क्योंकि इन चार देशों के अलावा अन्य कई दूतावास भी समान सुरक्षा की मांग कर रहे थे।

मंत्री ने एक कार्यक्रम से इतर मीडिया से कहा, "हमने किसी भी देश के दूत को अतिरिक्त सुरक्षा नहीं प्रदान करने का फैसला किया है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)