देश की खबरें | फर्जी रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के आरोपी जीटीबी अस्पताल के पूर्व कर्मचारी को जमानत से इंकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने फर्जी रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के आरोपी गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के एक पूर्व कर्मचारी को सोमवार को जमानत देने से इंकार कर दिया और कहा कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान इसकी कमी का उसने ‘‘नाजायज फायदा’’ उठाया।

नयी दिल्ली, 14 जून दिल्ली की एक अदालत ने फर्जी रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के आरोपी गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के एक पूर्व कर्मचारी को सोमवार को जमानत देने से इंकार कर दिया और कहा कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान इसकी कमी का उसने ‘‘नाजायज फायदा’’ उठाया।

पुलिस ने 30 अप्रैल को छापेमारी कर अमित से कम कीमत वाले एंटीबायोटिक मोनोसेफ के दो इंजेक्शन बरामद किए जिन पर उसने कथित तौर पर ‘रेमडेसिविर’ के स्टीकर लगाए हुए थे। वह एक मई से न्यायिक हिरासत में है।

उसकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आरोपी ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिवर इंजेक्शन की कमी का नाजायज फायदा उठाया।’’ अदालत ने कहा कि अमित ने मोनोसेफ पर रेमडेसिविर का स्टीकर लगाकर उन्हें लोगों को बेच दिया।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आरोप गंभीर हैं। जमानत याचिका खारिज की जाती है।’’

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिवर इंजेक्शन की काफी मांग थी। दिल्ली पुलिस ने इस दौरान इस तरह के मामलों में कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\