मेलबर्न, 19 नवम्बर युद्ध अपराधों से जुड़़ी दीर्घप्रतीक्षित सैन्य रिपोर्ट के अनुसार इस बात की ‘‘विश्वसनीय जानकारी’’ है कि ऑस्ट्रेलियाई विशेष बलों के मौजूदा एवं सेवानिवृत्त कम से कम 19 सैनिकों ने कथित तौर पर 39 अफगानों की गैरकानूनी तरीके से हत्या की थी।
व्हिसल-ब्लोअर की रिपोर्टों और स्थानीय मीडिया की खबरों में अफगानिस्तान में निहत्थे पुरुषों और बच्चों की कथित हत्या की चर्चा के बाद ऑस्ट्रेलिया में 2016 में जांच शुरू की गई थी। रिपोर्ट बृहस्पतिवार को जारी की गई
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जस्टिस पॉल ब्रेरेटन के एनएसडब्ल्यू कोर्ट ऑफ अपील ने चार साल की जांच में पाया कि 23 घटनाओं की "विश्वसनीय जानकारी" है, जिनमें ऑस्ट्रेलियाई बल (एडीएफ) के जवान गंभीर अपराधों में शामिल थे। वे या तो अपराधों को अंजाम दे रहे थे, या उनमें मदद करे रहे थे।
रिपोर्ट में कहा गया कि 23 घटनाओं में ऑस्ट्रेलियाई विशेष बलों के हाथों 39 अफगानों की कथित तौर पर हत्या की ‘‘विश्वसनीय जानकारी’’ है। इनमें से दो घटनाओं को "क्रूर व्यवहार" के युद्ध अपराध के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
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वहीं, ‘एपी’ की एक खबर के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के प्रमुख जनरल एंगस कैंपबेल ने कहा कि शर्मनाक रिकॉर्ड में कई कथित उदाहरण शामिल हैं, जिनमें से गश्त दल के नए सदस्यों ने पहली हत्या अंजाम देने के जुनून में किसी कैदी को गोली मार दी।
उन्होंने कहा कि अपनी इन हरकतों को छुपाने के लिए सैनिक गलत कहानियां गढ़ते हैं और दावा करते हैं कि कैदी आपस में दुश्मन थे और कार्रवाई में मारे गए।
कैंपबेल ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से हत्या करने का सिलसिला 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन 2012 और 2013 में भी इस तरह की सबसे अधिक वारदात सामने आयीं।
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