देश की खबरें | एलएसी पर यथास्थिति बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास का ऑस्ट्रेलिया ने विरोध किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के लिए परोक्ष रूप से चीन की आलोचना करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने के किसी भी प्रयास का विरोध करता है क्योंकि इससे तनाव बढ़ेगा और अस्थिरता का खतरा पैदा होगा ।
नयी दिल्ली, 30 जुलाई पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के लिए परोक्ष रूप से चीन की आलोचना करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने के किसी भी प्रयास का विरोध करता है क्योंकि इससे तनाव बढ़ेगा और अस्थिरता का खतरा पैदा होगा ।
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बेरी ओ फरेल ने यह भी कहा कि उनका देश दक्षिण चीन सागर में ‘उठाए जा रहे कदमों’ से भी काफी चिंतित है और उसने क्षेत्र में चीन के ‘‘गैरकानूनी दावे’’ को खारिज किया है ।
यह भी पढ़े | कोरोना के मध्य प्रदेश में 834 नए मामले पाए गए, 13 की मौत: 30 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
पूर्वी लद्दाख में हालात का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर संयम बरतने का ‘‘आग्रह’’ करता है और तनाव कम करने की दिशा में उठाए गए कदमों का समर्थन करता है ।
ओ फरेल ने एक बयान में कहा, ‘‘जैसा कि आज मैंने भारत के विदेश मंत्री से कहा कि ऑस्ट्रेलिया यथास्थिति बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास का विरोध करता है। इससे तनाव बढ़ेगा और अस्थिरता का खतरा पैदा होगा।’’
यह भी पढ़े | Unlock3: दिल्ली में खत्म हुआ नाइट कर्फ्यू, अब खुलेंगे होटल और साप्ताहिक बाजार.
उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि द्विपक्षीय रूप से सहमत सिद्धांतों और मानदंडों ने कई दशकों से सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और अस्थिरता को रोकने में मदद की है।’’
ओ फरेल ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दक्षिण चीन सागर में उठाए जाने वाले कदमों पर भी काफी चिंतित है क्योंकि इससे अशांति बढ़ेगी और यह उकसावे का कदम हो सकता है ।
उन्होंने कहा, ‘‘23 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण चीन सागर में चीन के गैरकानूनी दावे को खारिज करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पास आपत्ति दर्ज करायी है । ’’
हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बारे में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि क्षेत्र को लेकर उनके देश के रूख में कोई बदलाव नहीं आया है ।
उन्होंने कहा, ‘‘देशों को क्षेत्रीय विवादों और प्रतिस्पर्धी दावों को शांतिपूर्वक सुलझाना चाहिए । ’’
ओ फरेल ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की तरह ही दुनिया के दूसरे भाग भी कोविड-19 महामारी का सामना कर रहे हैं । उन्होंने साइबर क्षेत्र में चुनौतियों का भी जिक्र किया ।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)