देश की खबरें | 'कुछ सांसदों के माइक्रोफोन को नुकसान पहुंचाने से राज्यसभा टीवी का ‘ऑडियो फीड’ बाधित हुआ था'

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद भवन का रखरखाव करने वाले केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कहा है कि 20 सितम्बर को कृषि विधेयकों के पारित किये जाने के दौरान कुछ सांसदों द्वारा सभापति की सीट के सामने लगे माइक्रोफोन को नुकसान पहुंचाने के कारण राज्यसभा टीवी का ‘ऑडियो फीड’ कुछ देर के लिए बाधित रहा था।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 30 नवम्बर संसद भवन का रखरखाव करने वाले केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कहा है कि 20 सितम्बर को कृषि विधेयकों के पारित किये जाने के दौरान कुछ सांसदों द्वारा सभापति की सीट के सामने लगे माइक्रोफोन को नुकसान पहुंचाने के कारण राज्यसभा टीवी का ‘ऑडियो फीड’ कुछ देर के लिए बाधित रहा था।

विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया था कि संसद के ऊपरी सदन की कार्यवाही का विशेष रूप से प्रसारण करने वाले राज्यसभा टीवी (आरएसटीवी) ने जानबूझकर उनकी आवाज को बंद (म्यूट) कर दिया था। इन आरोपों के बीच सीपीडब्ल्यू ने राज्यसभा सचिवालय को लिखे पत्र में यह बात कहीं और इसे ट्विटर पर भी पोस्ट किया।

यह भी पढ़े | Madhya Pradesh: भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात.

राज्यसभा द्वारा 20 सितम्बर को भारी हंगामे के बीच कृषि विधेयकों को पारित कर दिया था। उस समय उपसभापति हरिवंश आसन पर थे।

पीठासीन अधिकारी पर नियम पुस्तिका कथित तौर पर फाड़कर फेंकने और सभापति की सीट के सामने लगे माइक्रोफोन को नुकसान पहुंचाने के लिए सदन से आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था।

यह भी पढ़े | Dev Deepawali 2020: वाराणसी के गंगा घाट पर पीएम मोदी ने जलाया दीया, लाखों दीयों से जगमगाने लगी काशी, देखें वीडियो.

सीपीडब्ल्यूडी ने अपने पत्र में कहा है, ‘‘यह सूचित किया जाता है कि राज्यसभा द्वारा दो कृषि विधेयकों पर चर्चा के दौरान 20 सितम्बर को अपराह्र एक बजकर पांच मिनट से अपराह्र एक बजकर 35 मिनट के बीच राज्यसभा की कार्यवाही के ऑडियो फीड में अचानक आया व्यवधान माननीय सांसदों द्वारा सभापति के माइक्रोफोन को नुकसान पहुंचाने के कारण था।’’

सीपीडब्ल्यूडी ने एक आरटीआई अर्जी के जवाब में राज्यसभा सचिवालय को लिखे पत्र में कहा, ‘‘इसलिए जब इन माइक्रोफोन को तोड़ा गया, तो आरएसटीवी के सिस्टम से कोई ऑडियो नहीं था। आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद इसे बहाल करने में लगभग आधा घंटा लगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\