सोनीपत (हरियाणा), 18 मई हरियाणा के सोनीपत स्थित अशोका विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख अली खान महमूदाबाद को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित उनके सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह जानकारी पुलिस और उनके वकील ने दी।
उनके खिलाफ देश की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने सहित कड़े आरोपों में दो प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
महमूदाबाद के वकील कपिल बाल्यान ने बताया कि एसोसिएट प्रोफेसर को रविवार शाम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य महिला आयोग की शिकायत पर शनिवार देर रात दर्ज प्राथमिकी के मामले में प्रोफेसर को पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले हरियाणा राज्य महिला आयोग ने एसोसिएट प्रोफेसर को उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए नोटिस भेजा था।
हालांकि, महमूदाबाद ने कहा था कि उनकी टिप्पणियों को ‘‘गलत समझा गया’’ है और उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग किया है।
राई के सहायक पुलिस आयुक्त अजीत सिंह ने फोन पर कहा, ‘‘अली खान महमूदाबाद को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी कुछ टिप्पणियों के सिलसिले में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।’’
पुलिस उपायुक्त नरेन्द्र कादयान ने बताया कि राई थाने में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जिनमें से एक प्राथमिकी हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया की शिकायत पर तथा दूसरी एक गांव के सरपंच की शिकायत पर दर्ज की गई है।
कादयान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘आयोग की अध्यक्ष की शिकायत पर अशोका विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर महमूदाबाद के खिलाफ बीएनएस की धारा 152 (भारत की संप्रभुता या एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य), 353 (सार्वजनिक शरारत संबंधी बयान), 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर की गई कार्रवाई) और 196 (1) (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (महमूदाबाद) आज गिरफ्तार कर लिया गया... राई थाने में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।’’
पुलिस उपायुक्त और महमूदाबाद के वकील कपिल बाल्यान के अनुसार, एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ एक अन्य शिकायत शनिवार को एक स्थानीय सरपंच द्वारा दर्ज कराई गई थी।
बाल्यान ने दावा किया कि सरपंच ‘‘प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा से भी जुड़ा हुआ है’’।
वकील ने कहा, ‘‘शनिवार को मामला दर्ज किया गया और अगली सुबह एसोसिएट प्रोफेसर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।’’
उन्होंने बताया कि सरपंच की शिकायत पर बीएनएस की धारा 152, 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सौहार्द के प्रति हानिकारक कार्य करना), 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप, दावे) और 299 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य, किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का निरादर कर उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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