नयी दिल्ली, एक सितंबर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के तहत प्रबंधन अधीन संपत्ति (एयूएम) 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गयी है। पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन दीपक मोहंती ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एयूएम का यह आंकड़ा 23 अगस्त को ही हासिल हो गया। इसे पांच लाख करोड़ रुपये से दोगुना होने में दो साल और 10 महीने लगे।
प्रबंधन अधीन कुल संपत्ति में एपीवाई का एयूएम 25 अगस्त के अंत तक 30,051 करोड़ रुपये रहा, वहीं एनपीएस लाइट का आंकड़ा 5,157 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
एनपीएस और एपीवाई के लाभार्थियों की संख्या एक साथ बढ़कर 6.62 करोड़ से ज्यादा हो गई।
एनपीएस एक जनवरी, 2004 को या इसके बाद केंद्र सरकार की नौकरी पाने वाले सभी सरकारी कर्मियों (सैन्य बल छोड़कर) के लिए लागू है। ज्यादातर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों ने भी अपने नए कर्मियों के लिए एनपीएस को अधिसूचित कर दिया है।
एनपीएस एक मई, 2009 से प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए स्वैच्छिक रूप से उपलब्ध है। इसके बाद, एक जून, 2015 को एपीवाई को पेश किया गया।
पेंशन कोष नियामक पीएफआरडीए ऐसी व्यवस्थित धन निकासी योजना लाने की योजना बना रहा है, जिससे 60 साल की आयु होने के बाद पेंशन खाता धारकों को अपनी इच्छा से एकमुश्त राशि निकालने में सहूलियत हो।
मोहंती ने कहा, “यह अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि यह व्यवस्था अक्टूबर और नवंबर से लागू हो जाएगी।”
फिलहाल एनपीएस उपभोक्ता 60 साल की आयु के बाद सेवानिवृत्ति कोष का सिर्फ 60 प्रतिशत तक एकमुश्त निकाल सकते हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY