देश की खबरें | असम कुआं आग : ऑयल इंडिया ने समिति की रिपोर्ट पर आपत्ति की
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नयी दिल्ली, छह अगस्त असम के बागजान तेल कुएं में आग लगने की घटना पर विशेषज्ञों की समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट पर ऑयल इंडिया ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के समक्ष आपत्ति जताई है और कहा है कि यह डेस्क आधारित शोध है और द्वितीयक डाटा की समीक्षा के आधार पर तैयार की गई है।
सरकारी तेल कंपनी ने एनजीटी से कहा कि समिति के अवलोकन और निष्कर्ष अपुष्ट डाटा पर आधारित हैं और कोई भी आदेश पारित करने के लिए इन पर विचार नहीं किया जा सकता।
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पीएसयू ने कहा, ‘‘उक्त समिति की रिपोर्ट प्रारंभिक तौर पर विभिन्न संगठनों, स्थानीय लोगों की सूचना और प्रकाशित खबरों पर आधारित है और इसके अपने वैज्ञानिक या प्रयोगशाला डाटा पर आधारित नहीं है। इस तरह के अपुष्ट डाटा के आधार पर इलाके में पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाना चाहिए।’’
इसने कहा कि विशेषज्ञों की समिति ने प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक घटनास्थल का दौरा नहीं किया है।
ऑयल इंडिया ने कहा, ‘‘विशेषज्ञ समिति के अवलोकन और निष्कर्ष डेस्क आधारित शोध और द्वितीयक डाटा समीक्षा पर आधारित हैं जिन्हें रिपोर्ट और विभिन्न पक्षों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है।’’
एनजीटी ने मामले में गौर करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए 24 जून को उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी पी काटकेय की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी।
समिति ने प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा है कि आग लगने ओर इसके बाद हुए विस्फोट से ‘‘सार्वजनिक संसाधनों को काफी क्षति पहुंची है जिसमें मागुरी-मोटापुंगर वेटलैंड और डिब्रू-साइखोवा राष्ट्रीय उद्यान भी शामिल हैं।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘घटनास्थल पर योजना और कार्यान्वयन में स्पष्ट रूप से तालमेल नहीं था और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। कुआं स्थल पर गंभीर अभियान के दौरान निगरानी के उचित स्तर को लेकर गंभीर खामियां रहीं। ये खामियां ठेकेदार के साथ ही ओआईएल के स्तर पर भी थी।’’
ऑयल इंडिया ने कहा कि समिति पर्यावरणविदों के बयानों पर काफी निर्भर रही जो किसी ठोस साक्ष्य पर आधारित नहीं है।
गौरतलब है कि तिनसुकिया जिले के बागजान में कुआं संख्या पांच के पास अनियंत्रित गैस लीक होने से नौ जून को आग लग गई थी जिसमें घटनास्थल पर ही ओआईएल के दो दमकलकर्मियों की मौत हो गई थी।
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