गुवाहाटी, 12 सितंबर असम के विभिन्न पत्रकार संगठनों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी में एक छात्र के कथित तौर पर खुदकुशी करने और उसके बाद विद्यार्थियों द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जाने के बाद परिसर में संवाददाताओं को प्रवेश करने से रोकने के लिए बृहस्पतिवार को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान की निंदा की।
संस्थान के अधिकारियों ने बुधवार को एक बयान जारी कर संवाददाताओं से परिसर में नहीं आने को कहा था। इसके साथ संवाददाताओं को गेट से ही वापस भेज दिया गया।
उत्तर प्रदेश का मूल निवासी एवं कंप्यूटर विज्ञान में तृतीय वर्ष का एक छात्र सोमवार को छात्रावास के अपने कमरे में मृत मिला था। इसके बाद विद्यार्थियों ने उसे न्याय दिलाने और सभी के लिए उचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गुवाहाटी में राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के संवाददाताओं के एक संगठन ‘नेशनल कॉरेस्पोंडेंट्स ग्रुप असम’ ने संवाददाताओं को परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए संस्थान की निंदा की।
संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘यह मीडियाकर्मियों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। आईआईअी गुवाहाटी के अधिकारियों ने मीडियाकर्मियों को अपनी कर्तव्यों को सुचारू रूप से और ईमानदारी से निभाने से रोका है।’’
संस्थान के इस बयान पर भी मीडियाकर्मियों ने आपत्ति जताई जिसमें उसने कहा था कि निदेशक उनसे बाद में मिलेंगे न कि ऐसे समय में जब कोई घटना हुई है। मीडियाकर्मियों ने कहा कि किसी भी घटना को लेकर सटीक रिपोर्टिंग की जरूरत होती है।
मीडिया संगठन ने यह मांग की कि आईआईटी गुवाहाटी के अधिकारी बयान जारी करने के 24 घंटे के भीतर औपचारिक माफी मांगें, ऐसा न करने पर मीडिया संस्थान उनके कार्यक्रमों में न ही भाग लेंगे और न ही उनकी प्रेस विज्ञप्तियों पर गौर करेंगे।
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