देश की खबरें | असम कांग्रेस ने बिजली क्षेत्र में गुजरात मॉडल अपनाने के कदम की आलोचना की

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गुवाहाटी, 16 जून असम में विपक्षी दल कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि बिजली क्षेत्र में गुजरात मॉडल अपनाना राज्य द्वारा संचालित कंपनियों को पूरी तरह बर्बाद कर देगा और लोगों को निजीकरण की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

असम कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ''गुजरात मॉडल पुराना पड़ चुका है और पूरी तरह खामियों से भरा है।''

बोरा ने कहा, ''असम सरकार अब उस राज्य की ओर देख रही है। गुजरात और असम पूरी तरह से अलग हैं क्योंकि हमारे यहां कोई बड़ा उद्योग नहीं है। गुजरात में बिजली कंपनियों में सरकार की बहुत कम हिस्सेदारी है जबकि असम सरकार बिजली वितरण कंपनियों पर स्वामित्व रखती है।''

राज्यसभा सदस्य बोरा ने कहा कि गुजरात मॉडल असम में बिजली कंपनियों को ''पूरी तरह बर्बाद'' कर देगा और जनता को भी निजीकरण का दंश झेलना पड़ेगा।

असम में बिजली क्षेत्र को सरकार द्वारा नियंत्रित तीन कंपनियों असम पावर जनरेशन कॉर्प लिमिटेड (एपीजीसीएल), असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉर्प लिमिटेड (एईजीसीएल) और असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) में विभाजित किया गया है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा था कि असम सरकार तीनों बिजली कंपनियों को लाभदायक उद्यमों में बदलने के लिए अपने अत्याधुनिक तकनीकी हस्तक्षेप के साथ-साथ बिजली क्षेत्र में गुजरात मॉडल को अपनाने की कोशिश करेगी।

बोरा ने पूछा, ''सरमा पिछले पांच वर्षों से वित्त मंत्री थे और वह हर साल बजट पेश करते थे। क्या उन्हें पहले से इसकी जानकारी नहीं थी? उन्होंने सेक्टर की खराब वित्तीय स्थिति का उल्लेख क्यों नहीं किया और योजनाओं की घोषणा करना जारी रखा?''

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