रांची, एक अगस्त असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने उन्हें पाकुड़ जिले के गोपीनाथपुर गांव नहीं जाने दिया।
शर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के चुनाव सह-प्रभारी हैं और राज्य के दो दिन के दौरे पर हैं।
पार्टी के एक विधायक के अनुसार उनका इरादा गोपीनाथपुर जाने का था जहां मुहर्रम के आसपास दो समूहों के बीच झड़प हुई थी।
शर्मा ने पाकुड़ जाते समय दुमका जिले के फुलो झानो चौक पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘झारखंड सरकार ने मुझे गोपीनाथपुर जाने से रोक दिया है, अगर एक मुख्यमंत्री वहां नहीं जा सकता तो आम लोगों की स्थिति की कल्पना की जा सकती है।’’
शर्मा का पाकुड़ में केकेएम कॉलेज जाने का भी कार्यक्रम है जहां 26 जुलाई की रात को आदिवासी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें छह पुलिसकर्मियों सहित 15 लोग घायल हो गए थे।
इसके अलावा शर्मा की उन इलाकों का निरीक्षण करने की भी योजना है, जहां बांग्लादेशी घुसपैठियों ने कथित तौर पर आदिवासियों की जमीन पर कब्जा किया है।
नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और कहा कि असम के मुख्यमंत्री को गोपीनाथपुर जाने से रोका गया।
बाउरी ने इस दिन को ‘लोकतंत्र में एक काला अध्याय’ बताया और कहा कि न केवल 18 भाजपा विधायकों को सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए शुक्रवार दोपहर दो बजे तक विधानसभा से निलंबित कर दिया गया, बल्कि एक मुख्यमंत्री को भी लोगों तक पहुंचने से रोका गया।
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