गुवाहाटी, नौ अप्रैल असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन के आरोप पर कांग्रेस को नोटिस जारी किया है।
भाजपा की ओर से सोमवार को एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि घर-घर बांटे जा रहे कांग्रेस के 'गारंटी कार्ड' आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं।
सीईओ ने सोमवार शाम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर 11 अप्रैल दोपहर दो बजे तक जवाब मांगा है।
नोटिस में कहा गया है, “प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि आपकी पार्टी का चिन्ह लगे और स्टार प्रचारकों की तस्वीर वाले ये गारंटी कार्ड आदर्श आचार संहिता के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं।”
नोटिस के मुताबिक, भाजपा की शिकायत में कहा गया है कि 'गारंटी कार्ड' में प्रत्येक शिक्षित युवा को पहले वर्ष में एक लाख रुपये और प्रत्येक गरीब परिवार की एक महिला सदस्य को प्रति वर्ष एक लाख रुपये देने का वादा किया गया है, लेकिन इसमें इन वादों को पूरा करने के लिए कोष के स्रोत का जिक्र नहीं है।
सीईओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया जांच से संकेत मिलता है कि कार्ड में एक फॉर्म है जो डेटा समेत व्यक्ति का कुछ विवरण लेता है जिसकी प्रकृति व्यक्तिगत पहचान की जानकारी से संबंधित है।
नोटिस के मुताबिक, उम्मीद की जाती है कि घोषणापत्र वादों के औचित्य को प्रतिबिंबित करेगा और मोटे तौर पर इसके लिए वित्तीय आवश्यकता को पूरा करने के तरीकों का संकेत देगा, क्योंकि मतदाताओं का विश्वास सिर्फ उन वादों पर मांगा जाना चाहिए जिन्हें पूरा किया जाना संभव हो।
सीईओ ने नोटिस में कांग्रेस से लिखित में यह बताने को कहा है कि पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
इससे पहले, पिछले हफ्ते भाजपा को नोटिस जारी किया गया था। भाजपा को यह नोटिस, मतदाताओं का डेटा लेने के आधार पर माकपा द्वारा की गई एमसीसी के उल्लंघन की शिकायत पर जारी किया गया था।
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