विदेश की खबरें | ब्रिटेन में शाही परिवार के खिलाफ प्रदर्शन मामले में गिरफ्तारी से अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस तेज
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

एडिनबर्ग में एक महिला ने तख्ती लेकर प्रदर्शन किया था जिसपर ‘‘भाड़ में जाए साम्राज्यवाद, राजशाही खत्म करो’’ लिखा था, जिसके बाद पुलिस ने उसपर शांति भंग करने का मामला दर्ज किया। इसी तरह का मामला एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया जिसने स्कॉटलैंड की राजधानी में महारानी की शव यात्रा के दौरान प्रिंस एंड्रयू को रोकने की कोशिश की थी।

ऑक्सफोर्ड में शांति कार्यकर्ता सायमन हिल को हथकड़ी पहनाई गई जब उन्होंने नए राजा के घोषणा के समारोह में इसके विरोध में नारेबाजी की।

हिल ने समारोह में अचानक चिल्लाते हुए पूछा ‘‘उन्हें किसने चुना है?’’ उन्होंने साथ ही देश पर राष्ट्राध्यक्ष लादने पर आपत्ति जताई।

पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री लिज ट्रस के प्रवक्ता मैक्स ब्लैन ने कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय शोक की अवधि है और पूरे ब्रिटेन में गम का महौल है...प्रदर्शन करने का अधिकार मलूभूत सिद्धांत बना रहेगा।’’

उन्होंने लेकिन कहा कि ‘‘पुलिस अलग-अलग परिस्थितियों में कार्रवाई पर निर्णय लेती है।’’

उप सहायक आयुक्त स्टुअर्ट कंडी ने कहा, ‘‘लोगों को निश्चित तौर पर प्रदर्शन का अधिकार है और हमने अभूतपूर्व स्थिति में पुलिस की ड्यूटी कर रहे सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट कर दिया है।’’

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