देश की खबरें | हिरासत में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने को लेकर अर्नब को तलोजा जेल भेजा गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को रविवार को अलीबाग के पृथक-वास केंद्र से महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के तलोजा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने दी। अर्नब को एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, आठ नवंबर रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को रविवार को अलीबाग के पृथक-वास केंद्र से महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के तलोजा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने दी। अर्नब को एक इंटीरियर डिजाइनर की आत्महत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि रागढ़ जिले के अलीबाग जेल के लिए कोविड-19 केंद्र के तौर पर निर्धारित एक स्थानीय स्कूल में न्यायिक हिरासत के दौरान उन्हें कथित तौर पर फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया, जिसके बाद उन्हें तलोजा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।

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अधिकारी ने कहा कि रायगढ़ अपराध शाखा ने गोस्वामी को किसी अन्य के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर सक्रिय पाया। चार नवम्बर को हिरासत में लेते समय पुलिस ने उनके निजी मोबाइल फोन को जब्त कर लिया था।

तलोजा जेल ले जाते समय गोस्वामी ने पुलिस की गाड़ी से चिल्लाते हुए आरोप लगाया कि शनिवार की शाम को अलीबाग के जेलर ने उनकी पिटाई की, उनका जीवन खतरे में है और उन्हें अपने वकील से बात नहीं करने दिया जा रहा है।

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इस बीच, भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने एक ट्वीट कर बताया कि रविवार को उन्होंने तलोजा जेल के जेलर से मुलाकात की और जेलर ने आश्वासन दिया कि गोस्वामी का उत्पीड़न नहीं होगा और उन्हें आवश्यक चिकित्सा मुहैया कराई जाएगी।

गोस्वामी और दो अन्य व्यक्ति -- फिरोज शेख तथा नीतीश सारदा को अलीबाग पुलिस ने चार नवम्बर को आर्किटेक्ट एवं इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां की 2018 में आत्महत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया। आरोपियों की कंपनी को कथित तौर पर भुगतान नहीं मिलने के कारण वे आत्महत्या के लिए बाध्य हुए थे।

गोस्वामी को मुंबई में लोअर परेल स्थित उनके आवास से गिरफ्तार करने के बाद अलीबाग ले जाया गया था, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें और दो अन्य को 18 नवम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

इसके बाद गोस्वामी को एक स्थानीय स्कूल में ले जाया गया, जिसे अलीबाग जेल के लिए कोविड-19 केंद्र के तौर पर चिह्नित किया गया है।

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