जरुरी जानकारी | शर्तों के साथ मानव भ्रूण के निर्यात को मंजूरी: डीजीएफटी

नयी दिल्ली, 12 जून सरकार ने शुक्रवार को कहा कि मानव भ्रूण, युग्मक और जनन ऊतकों का कुछ शर्तों के साथ निर्यात किया जा सकता है। इसके लिये भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत होगी।

एक सूत्र के अनुसार, इससे पहले इन वस्तुओं के निर्यात को लेकर कोई नीति या स्पष्टता नहीं थी।

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विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, "मानव भ्रूण, युग्मक, जनन ऊतकों का निर्यात भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर किया जा सकता है।’’

डीजीएफटी ने कहा कि उसने निर्यात नीति (पांचवें अध्याय की दूसरी अनुसूची) के तहत मानव भ्रूण की निर्यात नीति में संशोधन किया है। यह अध्याय जानवरों के मूल से संबंधित उत्पादों के बारे में है। डीजीएफटी ने इस अध्याय में एक नयी प्रविष्टि डाली है, जिसमें मानव भ्रूण, युग्मक, जनन ऊतकों के बारे में उल्लेख है।

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युग्मक किसी जीव की प्रजनन कोशिकाएं हैं, जबकि जनन ऊत्तक प्राथमिक प्रजनन अंग हैं।

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