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जरुरी जानकारी | वैकल्पिक निजी कृषि बाजारों के साथ एपीएमसी की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी: कृषि मंत्रालय अधिकारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पुरानी एपीएमसी मंडियां नये वैकल्पिक निजी बाजार चैनलों के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेंगी। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किये गये हाल के सुधारों के बाद नये निजी बाजार चैनल जल्द ही अस्तित्व में आने जा रहे हैं। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

जरुरी जानकारी | वैकल्पिक निजी कृषि बाजारों के साथ एपीएमसी की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी: कृषि मंत्रालय अधिकारी

नयी दिल्ली, 17 जुलाई पुरानी एपीएमसी मंडियां नये वैकल्पिक निजी बाजार चैनलों के साथ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेंगी। सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किये गये हाल के सुधारों के बाद नये निजी बाजार चैनल जल्द ही अस्तित्व में आने जा रहे हैं। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कोविड ​​-19 संकट के मद्देनजर घोषित किये गये 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के हिस्से के रूप में, सरकार ने पांच जून को कृषक उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 को लागू किया जो किसानों की ऊपज को राज्य सरकार के अधिसूचित बाजारों के बाहर बाधा मुक्त व्यापार प्रदान करने की सुविधा प्रदान करता है।

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कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव, पी के स्वाई ने एसोचेम द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा, ‘‘किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य दिलाने, उनकी आय बढ़ाने और फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करने के उद्देश्य से अधिक वैकल्पिक बाजार चैनल बनाते हुए, कृषि बाजारों को अधिक उन्मुक्त बनाने के लिए अध्यादेश लाया गया है।

उन्होंने कहा कि देश अब खाद्यान्न की कमी वाले देश की जगह अधिशेष उत्पादन करने वाले देश के रूप में रूपांतरित हुआ है, अब चुनौती यह है कि किसानों की उपज का सही लाभकारी दाम कैसे प्राप्त किया जाए।

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उन्होंने कहा कि देश में, गांव के हाट एवं खरीद केन्द्रों के अलावा एपीएमसी (कृषि उत्पाद विपणन समिति) की 10,000 विनियमित मंडियां हैं। लेकिन वर्ष 2003 में उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कुछ सुधार किये गये थे लेकिन उसके बावजूद इस क्षेत्र में निजी कंपनियां अभी भी कम हैं।

स्वाई ने कहा कि वर्तमान सुधार आगे कृषि क्षेत्र को अधिक मुक्त बनाता है और किसानों की उपज के प्रत्यक्ष विपणन और निवेश के लिए विशाल अवसर प्रदान करता है।

अधिकारी ने कहा, "हम यह नहीं कह रहे हैं कि एपीएमसी खराब हैं। उन्होंने अच्छा काम किया है और अपनी भूमिका निभा रहे हैं। हम केवल वैकल्पिक बाजार चैनल तैयार कर रहे हैं। यह देश में एक राष्ट्रीय कृषि बाजार बनाने में मदद करेगा।"

किसान अब मंडी की सीमाओं के बाहर अपने उत्पादों को बेचने के लिए स्वतंत्र हैं जो पहले एक बाधा थी। आईटीसी फूड्स, यूपीएल लिमिटेड, जी डी फूड्स (टॉप्स), एनसीडीईएक्स और एग्रीबाजार जैसी कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके लिए आने वाले दिनों में किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से सीधे कच्चे माल को प्राप्त करने का बहुत बड़ा अवसर हैं।

इस आभासी बैठक में यूपीएल लिमिटेड के वैश्विक मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) सागर कौशिक, आईटीसी फूड्स के प्रमुख (प्रोक्योरमेंट एंड लॉजिस्टिक्स) शोम चटर्जी, जीडी फूड्स (टॉप्स) के निदेशक मुरली मनोहर कृष्ण, एग्री बाजार के मुख्य व्यवसाय अधिकारी शरत मुलुकुटला, एनसीडीईएक्स के कार्यकारी उपाध्यक्ष एलीन मुखर्जी और बायर क्राप साइंस के प्रमुख (कृषि नीति) राजवीर राठी उपस्थित थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2020 11:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).