देश की खबरें | शीर्ष अदालत ने मणिपुर के विस्थापित 284 विद्यार्थियों को तीन विकल्प दिए

नयी दिल्ली, चार दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर के 284 विद्यार्थियों को मणिपुर विश्वविद्यालय में ऑनलाइन कक्षा लेने या सिलचर में असम विश्वविद्यालय या शिलांग में पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय में स्थानांतरण लेने का विकल्प देकर उन्हें सोमवार को राहत दी।

शीर्ष अदालत मणिपुर विश्वविद्यालय की ईआईएमआई वेलफेयर सोसाइटी द्वारा 284 विद्यार्थियों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो वर्तमान में देश के अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैं। वे अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं ताकि राज्य में हिंसा के कारण उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा, “हम उन्हें तीन विकल्प दे सकते हैं। पहला, मणिपुर विश्वविद्यालय में ऑनलाइन कक्षाएं लें और दूसरा, उन्हें सिलचर में असम विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जा सकता है और तीसरा, वे शिलांग में पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकते हैं।”

पीठ ने निर्देश दिया कि मणिपुर विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त एक नोडल अधिकारी का नाम उसकी वेबसाइट पर पोस्ट किया जाए। इसने कहा कि अधिकारी को स्थानांतरण के लिए आवेदन करने के दो हफ्ते के अंदर इच्छुक विद्यार्थियों का स्थानांतरण सुनिश्चित करना होगा।

शीर्ष अदालत ने विद्यार्थियों को यह भी आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को न्यायमूर्ति गीता मित्तल के नेतृत्व वाली उच्च न्यायालय की तीन पूर्व महिला न्यायाधीशों की समिति द्वारा उठाया जाएगा जिसके लिए उचित आदेश पारित किए जाएंगे।

पीठ ने कहा, “इस स्तर पर हम ये तीन विकल्प दे रहे हैं और हम न्यायमूर्ति गीता मित्तल समिति से एक बेहतर विकल्प तलाशने के लिए कह रहे हैं। वह (न्यायमूर्ति मित्तल) एक रिपोर्ट सौंपेंगी। हम रिपोर्ट के संदर्भ में एक आदेश पारित करेंगे।”

मणिपुर में तीन मई को भड़की जातीय हिंसा के बाद से 170 से अधिक लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।

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