छत्रपति संभाजीनगर, 16 सितंबर महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए घोषित पैकेज के तहत परभणी और नांदेड़ में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हिंगोली में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की, जिसके लिए 485 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि परभणी में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि गायों की ‘लाल कंधारी’ और ‘देवनी’ प्रजाति को सरंक्षित करने के लिए बीड जिले में अमबजोगई में संरक्षण केंद्र खोला जाएगा, जबकि मराठवाड़ा की विकास और महिला सशक्तिकरण योजनाओं के लिए 1,076 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुहैया कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इससे क्षेत्र की करीब 12 लाख महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है।
अधिकारी ने बताया, ‘‘राज्य के स्कूलों को अब गोद लिया जा सकता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी। छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) के शिल्लोड में दीवानी अदालत स्थापित करने की भी मंजूरी दी गई है। नांदेड़ जिले के सोयेगांव और बीड जिले के परली में नए कृषि महाविद्यालय खोले जाएंगे।’’
उन्होंने बताया कि परली में सोयाबीन अनुसंधान केंद्र स्थापित होगा, जबकि जालना में 10 करोड़ की लागत से नए आईटीआई इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए 2016 में 31 विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई थी, जिनमें से 23 को लागू कर दिया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा इलाके की मुक्ति की 75वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक की। मराठवाड़ा को 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद के निजाम शासन से मुक्ति मिली थी।
मुख्यमंत्री शिंदे ने मराठवाड़ा में विकास के लिए 45 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। उन्होंने साथ ही 14 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासनिक मंजूरी में भी संशोधन किया।
मराठवाड़ा क्षेत्र में आठ जिले आते हैं, जिनमें छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद),धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद), जालना, बीड, लातूर, नांदेड़, हिंगोली और परभणी शामिल है।
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