नयी दिल्ली, 30 दिसंबर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चेन्नई के अन्ना विश्वविद्यालय में कथित यौन उत्पीड़न मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सोमवार को दिल्ली में तमिलनाडु भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
एबीवीपी की राष्ट्रीय सचिव शिवांगी खरवाल ने इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम अन्ना विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई छात्रा के लिए न्याय की मांग करते हैं। सभी पहलुओं पर जांच होनी चाहिए और तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।’’
एबीवीपी ने एक बयान में कहा कि यह मामला 23 दिसंबर की रात को अन्ना विश्वविद्यालय की 19 वर्षीय छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म से जुड़ा है, जिससे छात्र संघों में आक्रोश फैल गया है।
एबीवीपी दिल्ली के राज्य सचिव हर्ष अत्री ने कहा कि ‘‘अन्ना विश्वविद्यालय में एक विद्यार्थी का यौन उत्पीड़न बेहद दुखद है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम तत्काल जांच और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं। एबीवीपी पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखेगी।’’
प्रदर्शनकारियों ने ‘‘एमके स्टालिन, जागो’’ और ‘‘एबीवीपी कार्यकर्ताओं को रिहा करो’’ जैसे नारे लगाए और इस दौरान उन्होंने ‘‘एबीवीपी महिलाओं के सम्मान के लिए खड़ी है’’ नारे लिखी तख्तियां हाथ में ले रखी थीं।
प्रदर्शन में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और सचिव मित्रविंदा कर्णवाल सहित सैकड़ों छात्र शामिल हुए।
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