श्रीनगर (उत्तराखंड), 26 सितंबर कांग्रेस महासचिव और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को अंकिता भंडारी के गांव पहुंचे और उसके परिजनों से मिलकर उनका दुख बांटा।
रावत ने कहा कि परिवार को न्याय और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने में वह अंकिता के परिजनों के साथ खड़े हैं।
इस दौरान, ग्रामीणों ने पूर्व मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया और अंकिता के नाम से सड़क तथा उसके नाम पर किसी स्कूल का नाम रखने के अलावा, परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपये देने तथा परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की भी मांग की।
अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में चलाकर दोषियों को फांसी की सजा दिलवाई जाए।
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बात की भी प्रमुखता से जांच होनी चाहिए कि आखिर वह कौन सफेदपोश था जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने घटना से बड़े सफेदपोश लोगों के जुड़े होने की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो रातों-रात आनन-फानन में उस रिजॉर्ट को तोड़कर साक्ष्य मिटाने का काम नहीं किया जाता।
पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर स्थित वनतारा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीया अंकिता की कथित तौर पर रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों के साथ मिलकर ऋषिकेश की चीला नहर में फेंककर हत्या कर दी थी।
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