अमरावती, 18 नवंबर आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त एन रमेश कुमार ने बुधवार को राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से मुलाकात कर वाई एस जगन मोहन सरकार के ''असंवैधानिक कृत्यों'' की शिकायत की, जिसने फरवरी में ग्राम पंचायत चुनाव कराने को लेकर मतभेद प्रकट किये हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, रमेश कुमार ने स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार द्वारा अपनाए जा रहे रुख पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे ''असंवैधानिक'' करार दिया है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार के रुख को राज्य निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक निकाय की स्वतंत्रता को कमजोर करने वाला बताया है।
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राज्य की मुख्य सचिव नीलम साहनी ने निर्वाचन आयुक्त को लिखे पत्र में कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा है कि जैसे ही स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिये हालात अनुकूल होंगे, राज्य सरकार स्थगित की जा चुकी प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के बारे में तत्काल चुनाव निकाय को सूचित करेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य निर्वाचन आयुक्त अब इस मामले में प्रदेश सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। निर्वाचन आयुक्त को बुधवार को होने वाली एक वीडियो कांफ्रेंस को रद्द करना पड़ा। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने कथित रूप से संबंधित अधिकारियों को इस बैठक में शिरकत नहीं करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद उन्हें कांफ्रेंस रद्द करनी पड़ी।
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निर्वाचन आयुक्त ने राज्यपाल के साथ 40 मिनट तक चली बैठक के दौरान मुख्य सचिव के पत्र का जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार स्पष्ट रूप से एक संवैधानिक प्रक्रिया होने देने के मूड में नहीं है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि रमेश कुमार ने राज्यपाल को स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिये उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिकाओं और राज्य निर्वाचन आयोग के रुख से भी अवगत कराया।
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