देश की खबरें | प्रधानमंत्री से नगा शांति वार्ता के ‘सम्मानजनक समाधान’ की अपील की गयी

इंफाल, नौ अगस्त यूनाईटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से एक ज्ञापन सौंपा। उससे पहले मणिपुर में अपने रिहाइश वाले क्षेत्रों में हजारो नगाओं ने प्रारूप समझौते के आधार पर केंद्र और नगा संगठनों के बीच शांतिपूर्ण वार्ता के सफल समापन के वास्ते दबाव बनाने के लिए रैली निकाली।

सेनापति जिले के उपायुक्त के माध्यम से सौंपे गये इस ज्ञापन में कहा गया है, ‘‘ हम भारत सरकार से इस सार्वभौमिक तथ्य को स्वीकार करते हुए प्रारूप समझौते को अक्षरश: सम्मान करने का आह्वान करते हैं कि संप्रभुता लोगों के हाथों में होती है तथा उसके हिसाब से नगा राष्ट्र ध्वज एवं संविधान साझी संप्रभुता का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।’’

नगा शांति वार्ता एनएससीएन (आईएम) की इस मांग को लेकर लंबे समय से अटकी हुई है कि नगालैंड को भारतीय संविधान में एक ध्वज एवं भारतीय संविधान में एक अध्याय की अनुमति दी जाए।

यूएनसी ने प्रधानमंत्री से यह भी अनुरोध किया कि ‘किसी अन्य समुदाय’ की मांगों के समाधान के प्रयास के दौरान ‘नगा क्षेत्रों’ को नहीं छुआ जाए।

नगा संगठन की यह अपील मणिपुर में कुकी समुदाय के लिए ‘पृथक प्रशासन’ की मांग की पृष्ठभूमि में आयी है।

ज्ञापन में चेतावनी दी गयी है कि ‘ऐसे किसी दुस्साहस के ऐसे गंभीर परिणाम होंगे जिनसे और निर्मम हिंसा भड़केगी । यूएनसी ने पहले ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कहा था कि किसी समुदाय की किसी अपील या मांग के समाधान के प्रयास में नगा क्षेत्रों का कोई विखंडन नगा स्वीकार नहीं करेंगे।’’

दिन के समय कड़ी सुरक्षा के बीच तामेंगलोंग, सेनापति उखरूल और चांदेल के जिला मुख्यालयों में रैलियां निकाली गयीं।

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