देश की खबरें | ओमीक्रोन के खतरे के बीच प्रयोगशालाओं ने कहा, ज्यादा नमूनों के जीनोम अनुक्रमण के लिए तैयार

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर दिल्ली में दो जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाओं के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उनके पास कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप का पता लगाने के लिए अधिक संख्या में नमूनों को संभालने की क्षमता है।

दिल्ली में ओमीक्रोन के डर और कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि कोविड पॉजिटिव सभी नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाएगा।

उन्होंने एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा, “पिछले कुछ दिनों से शहर में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं। रविवार को ये 100 से ज्यादा थे। हमें नहीं पता कि यह किस तरह के कोविड मामले हैं, सामान्य या ओमीक्रोन स्वरूप के मामले हैं। इसलिए यह पता लगाने के लिए सभी संक्रमितों के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।”

मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में ओमीक्रोन के हालात, उसके संभावित प्रभाव और उससे निपटने के कदमों पर चर्चा की गई।

दिल्ली में अभी तक कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के 24 मामले आए हैं जिनमें से 12 लोगों को अब तक छुट्टी दी जा चुकी है।

शहर में ओमीक्रोन का पहला मामला पांच दिसंबर को मिला था जब रांची निवासी एक व्यक्ति वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित पाया गया था। उसे अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।

दिल्ली में जो जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशालाएं यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) और लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में हैं, उनका संचालन दिल्ली सरकार द्वारा किया जा रहा है।

इस संबंध में एक सूत्र ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “हम हर हफ्ते 1000 नमूनों को संभाल सकते हैं। दैनिक मामलों में यद्यपि बीते कुछ दिनों में इजाफा हुआ है लेकिन फिलहाल प्रति हफ्ते 500 नमूनों की क्षमता का इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए, फिलहाल, हमारे पास पर्याप्त क्षमता है। जब जरूरत बढ़ेगी तो हम इसे दोगुना कर देंगे।”

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