विदेश की खबरें | अफगानिस्तान में हिंसा और अनिश्चितता के बीच नेता कर रहे हैं शांति वार्ता

तालिबानी नेता मवलावी हिबातुल्लाह अखुंदजादा का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब तालिबान नेता अफगानिस्तान की सरकार के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दोहा में शांति वार्ता कर रहे हैं। काबुल के प्रतिनिधिमंडल में सरकार में दूसरे नबंर की हैसियत रखने वाले अब्दुल्ला अब्दुल्ला शामिल हैं। वह अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सामंजस्य परिषद के प्रमुख भी हैं।

दोहा में पहले दौर की शांति वार्ता शनिवार को हुई और दूसरे दौर की वार्ता रविवार देर शाम शुरू हुई। अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के शांति दूत जलमय खलीलजाद भी दोहा में हैं और ताशकंद में पिछले सप्ताह एक सम्मेलन में उन्होंने हिंसा में कमी आने और बकरीद के दौरान तीन दिन तक संघर्ष विराम रहने की उम्मीद जताई थी।

अखुंदजादा ने कहा,‘‘इस्लामी अमीरात देश में एक राजनीतिक समाधान और एक इस्लामी तंत्र की स्थापना के लिए हर अवसर के पक्ष में है।’’तालिबान अपने शासन के दौरान अपनी सरकार को इस्लामी अमीरात कहता था। तालिबानी नेता ने अपने बयान में इस्लामिक तंत्र की बात कहीं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इससे उनका आशय क्या है।

अफगानिस्तान के कई जिलों पर तालिबान का कब्जा हो गया है और कई स्थानों पर हिंसा का दौर जारी है,ऐसे में राजनीतिक समाधान निकलने के ज्यादा संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं।

एपी

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