बढ़ती पुलिस सुरक्षा के बीच सीजेपी बोली, "जंतर मंतर कोई जेल नहीं है"
दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में लगातार लोगों की संख्या बढ़ रही है.
दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में लगातार लोगों की संख्या बढ़ रही है. इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनस्थल के आस पास सुरक्षा और निगरानी भी कड़ी कर दी है.राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शामिल होने वालों की तादाद बढ़ती ही जा रही है. इसके साथ ही प्रदर्शन स्थल के आस पास सुरक्षा और निगरानी भी सख्त होती जा रही है. कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर दावा किया है कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे लोगों को हिरासत में ले रही है. साथ ही लिखा कि जंतर मंतर पर जो वॉलेंटियर खाना, दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजें लेकर आ रहे हैं उन्हें भी प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने से रोका जा रहा है. सीजेपी ने लिखा कि जंतर मंतर कोई जेल या मिलिट्री जोन नहीं बल्कि एक प्रदर्शन स्थल है.
प्रदर्शन स्थल के आस पास मौजूद मेट्रो स्टेशन बंद होने और कड़ी सुरक्षा के बावजूद प्रदर्शनकारी लगातार इसमें हिस्सा लेने जंतर मंतर पहुंच रहे हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक प्रदर्शन के पांचवें दिन भी इस इलाके में सरकार ने इंटरनेट बंद करने के आदेश को बरकरार रखा है. प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट पर लगी रोक बढ़ाए जाने पर निराशा व्यक्त की, लेकिन यह संकल्प लिया कि वे अपने इस आंदोलन को कमजोर नहीं करने देंगे. जंतर मंतर पर मौजूद, 34 साल के प्रदर्शनकारी राहुल राज ने कहा, "वे इंटरनेट, मेट्रो और बसें बंद कर सकते हैं, लेकिन इससे क्या हासिल होगा? कुछ भी नहीं. जो लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं, वे फिर भी आएंगे."
2000 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को पहचाना गया: दिल्ली पुलिस
सीजेपी के संसद चलो मार्च के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई के बाद प्रदर्शनों में आने वाले लोगों की संख्या में और इजाफा होता गया है. वहीं, न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया है कि दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार,20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए छात्रों के "संसद चलो" विरोध मार्च के दौरान कम से कम 130 पुलिसकर्मी और लगभग 65 विद्यार्थी घायल हुए. इन प्रदर्शनों के संबंध में 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इसके साथ ही बताया कि फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम कैमरों की मदद से दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर आने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर रही है. पुलिस ने अब तक ऐसे 2,000 से अधिक लोगों की पहचान की है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे जंतर-मंतर आए थे.
एएनआई से बात करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने दावा किया कि वे दिल्ली पुलिस को उन पुलिसकर्मियों की एक सूची देंगे, जिन्होंने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार किया. रांका ने कहा, "हम भी दिल्ली पुलिस को उन पुलिसकर्मियों की सूची देंगे, जिन्होंने बच्चों के सिर फोड़े, उन्हें सड़कों पर घसीटा, हमारे वॉलेंटियर्स की पसलियां तोड़ दीं और युवा लड़कियों को थप्पड़ मारे. हम एफआरएस के जरिए नहीं बल्कि जनता के जरिए उनकी पहचान करेंगे. हम इसे सार्वजनिक करेंगे और देखते हैं इस पर दिल्ली पुलिस का क्या कहना है.”
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना आंदोलन नहीं होगा खत्म: सीजेपी
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर शुरू हुआ ये आंदोलन अब कई शहरों में फैल चुका है. सीजेपी और प्रदर्शनकारियों की मांग जारी है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तब तक उनका ये आंदोलन जारी रहेगा. इस बीच सीजेपी के प्रतिनिधियों ने बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से भी मुलाकात की और अपनी मांगे सामने रखीं. पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका ने बैठक के दौरान कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो विरोध प्रदर्शन और फैल सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार दो दिन सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम पर रील के जरिए युवाओं को संबोधित भी किया और कहा कि उनकी सरकार पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. इसके साथ ही 24 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अधिकारियों को निष्कासित भी कर दिया गया. लेकिन सीजेपी और प्रदर्शनकारियों के मुताबिक उनके आंदोलन की मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही रहेगा.
जेनजी प्रदर्शनकारियों के ह्यूमर पर हो रही चर्चा
जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के मुद्दों पर जितनी गंभीरता से चर्चा की जा रही है, उतनी ही चर्चा इस प्रदर्शन में शामिल जेनजी के ह्यूमर की भी हो रही है. सोशल मीडिया पर 20 जुलाई को विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज की चर्चा के दौरान कई ऐसी क्लिप्स भी वायरल हुई हैं जो इसके दूसरे पक्ष को दिखाती हैं. कोई पुलिस के साथ सबवे सर्फर खेलता नजर आया, किसी ने दौड़ते हुए अपनी फिटनेस की चर्चा की, तो कई ऐसी रील्स भी सामने आई जिसमें युवा प्रदर्शन में जाने से पहले अपने कपड़ों का 'फिट चेक' करते नजर आए. इसके साथ ही कई युवा प्रदर्शन में स्पाइडर मैन, बैटमैन के कॉस्ट्यूम में भी पहुंचे.
न्यूज एजेंसी एपी से बातचीत के दौरान एक 25 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने कहा कि ये मीम्स केवल मनोरंजन का जरिया नहीं हैं, वे ऐसी स्थितियों से निपटने का एक तरीका हैं. संसद चलो मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के बारे में उन्होंने कहा, "अगर हमारा फोन डेटा खत्म हो जाता है, तो हम वह भी बर्दाश्त नहीं कर पाते. इसलिए हम इसे तो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं."
जेनजी ने इस आंदोलन में मीम्स और पॉप कल्चर के कई संदर्भों को बेहद कलात्मक तरीके से शामिल किया है. प्रदर्शन में हिस्सा लेने आई 23 साल की एक छात्रा ने कहा कि प्रदर्शनकारी सिर्फ अपनी पीढ़ी की भाषा बोल रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमें भाषण उबाऊ लगते हैं. हमें कम समय में चीजें देखने की आदत है, इसलिए हम अपना संदेश पहुंचाने के लिए उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं." वहीं एक और छात्र ने बताया कि सत्ता को चुनौती देने का सोशल मीडिया से बेहतर कोई तरीका नहीं है.
सिर्फ जंतर मंतर तक सीमित नहीं रहा आंदोलन
बीते एक महीने से जंतर मंतर पर चल रहा भारतीय युवाओं का ये आंदोलन अब सिर्फ राजधानी दिल्ली तक सीमित नहीं है. उनके समर्थन में देश के अलग अलग हिस्सों में मार्च निकाले जा रहे हैं. यहां तक कि अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड और इंग्लैंड के भी कई हिस्सों में भारत के जेनजी आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शनों का आयोजन किया जा रहा है.
सीजेपी ने सरकार को 24 जुलाई की बैठक के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 48 घंटों की मोहलत दी थी. इसके साथ ही मांग की थी कि नीट के उन अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए जिन्होंने कथित तौर पर नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या की थी. एक मांग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज हुई हर शिकायत वापस लने और कोई नया केस दर्ज ना करने की भी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2026 01:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

