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जरुरी जानकारी | अमेरिकी शुल्क चिंता के बीच सेंसेक्स ने लगाया 1,000 अंक से अधिक का गोता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक का गोता लगा गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी और अमेरिका के नये सिरे से शुल्क लगाने को लेकर व्यापार युद्ध की आशंका से बाजार नीचे आया।

जरुरी जानकारी | अमेरिकी शुल्क चिंता के बीच सेंसेक्स ने लगाया 1,000 अंक से अधिक का गोता

मुंबई, 11 फरवरी स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक का गोता लगा गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी और अमेरिका के नये सिरे से शुल्क लगाने को लेकर व्यापार युद्ध की आशंका से बाजार नीचे आया।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,018.20 अंक यानी 1.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ दो सप्ताह के निचले स्तर 76,293.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,281.21 अंक तक लुढ़क गया था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 309.80 अंक यानी 1.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,071.80 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी में शामिल 50 शेयरों में से 44 नुकसान में जबकि छह लाभ में रहे।

अमेरिका के सभी इस्पात और एल्युमीनियम आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क की पुष्टि से रियल्टी, औद्योगिक, सोच-विचार कर खर्च किये जाने से जुड़े उपभोक्ता सामान और पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयर नुकसान में रहे। यूरोपीय संघ के नेताओं ने भी अमेरिकी शुल्क के जवाब में कदम उठाने का संकल्प लिया है। इससे व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ी है।

सेंसेक्स के तीस शेयरों में जोमैटो पांच प्रतिशत से अधिक नीचे आया। इसके अलावा टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, लार्सन एंड टुब्रो, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

सेंसेक्स में शामिल तीस शेयरों में से केवल भारती एयरटेल का शेयर लाभ में रहा।

पिछले पांच कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स 2,290.21 अंक यानी 2.91 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि एनएसई निफ्टी में 667.45 अंक यानी 2.81 प्रतिशत की गिरावट आई है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 2,463.72 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिकी व्यापार नीतियों और शुल्क दरों को लेकर जारी अनिश्चितता, घरेलू आर्थिक वृद्धि संबंधी चिंताओं और एफआईआई की लगातार बिकवाली के कारण बाजार धारणा कमजोर हो रही है। मांग संबंधी चिंताओं और ऊंचे मूल्यांकन के कारण मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।’’

छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 3.40 प्रतिशत नीचे आया जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप 2.88 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

बीएसई में सूचीबद्ध 3,478 शेयरों में गिरावट रही जबकि 525 शेयर लाभ में रहे। 94 शेयरों के भाव यथावत रहे।

एशिया के अन्य बजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहा।

यूरोप के ज्यादातर बाजार दोपहर के कारोबार में नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त में रहे थे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76.74 डॉलर प्रति बैरल रहा।

बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 548.39 टूटकर एक सप्ताह के निचले स्तर 77,311.80 अंक पर बंद हुआ था। एनएसई निफ्टी 178.35 अंक के नुकसान के साथ 23,381.60 अंक पर रहा था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 11, 2025 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).