विदेश की खबरें | ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिका का हमला ‘गैर जिम्मेदाराना’ : रूस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमले को रूस ने ‘‘गैर-जिम्मेदाराना’’ करार देते हुए रविवार को इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का ‘‘घोर उल्लंघन’’ है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

मॉस्को, 22 जून ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमले को रूस ने ‘‘गैर-जिम्मेदाराना’’ करार देते हुए रविवार को इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का ‘‘घोर उल्लंघन’’ है।

अमेरिका ने इजराइल के समर्थन में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर बमबारी की।

रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘किसी संप्रभु देश पर मिसाइल और बम से हमला करने का निर्णय गैर-जिम्मेदाराना है, भले ही इसके लिए कोई भी दलील दी जाए। यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का घोर उल्लंघन है, जिसमें पहले ही ऐसी कार्रवाइयों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य बताया गया है।’’

रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका का नाम लिये बिना कहा कि यह ‘‘विशेष रूप से चिंताजनक’’ है कि हमला ‘‘एक ऐसे देश द्वारा किया गया जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है।’’

रूस ने अमेरिका और इजराइल की ‘‘टकरावपूर्ण कार्रवाइयों को सामूहिक’’ रूप से अस्वीकार करने का भी आह्वान किया।

मंत्रालय ने कहा कि हालांकि, विकिरण सहित बमबारी के नतीजों का आकलन किया जाना बाकी है, लेकिन ‘‘यह पहले से ही स्पष्ट है कि तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को और अधिक कमजोर करने वाला है।’’

रूस ने कहा कि पहले से ही संकटों का सामना कर रहे पश्चिम एशिया में संघर्ष के विकराल रूप धारण करने का खतरा काफी बढ़ गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के बाद दावा किया कि ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान ‘‘पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।’’ उन्होंने ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई करने पर और जोरदार हमले करने की चेतावनी दी।

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर आधारित वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को अमेरिकी हमले से नुकसान होगा और यह ‘‘विशेष चिंता का विषय’’ है।

बयान में कहा गया, ‘‘ईरान पर हमलों से एनपीटी और इस पर आधारित आईएईए (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) सत्यापन और निगरानी प्रणाली की विश्वसनीयता को काफी नुकसान पहुंचा है।’’

इसमें कहा गया कि रूस को आईएईए के नेतृत्व से त्वरित, पेशेवर और ईमानदार प्रतिक्रिया की उम्मीद है, जिसमें टाल-मटोल वाली बातें न हों।

रूस ने आईएईए के एक विशेष सत्र में विचार-विमर्श के लिए एजेंसी के महानिदेशक से एक ‘‘वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट’’ की आवश्यकता पर जोर दिया, जो शीघ्र आयोजित होने वाला है।

बयान के अनुसार, ‘‘बेशक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। अमेरिका और इजराइल की टकरावपूर्ण कार्रवाइयों को सामूहिक रूप से खारिज किया जाना चाहिए।’’

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