नयी दिल्ली, 13 अप्रैल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर नागरिकों को बधाई दी और कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान भविष्य की पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करने को प्रेरित करता रहेगा।
एक संदेश में उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करते हुए भी अपनी अलग पहचान बनाई और अपनी असाधारण उपलब्धियों से दुनिया भर में सम्मान अर्जित किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि वह शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और वंचितों के सशक्तीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण साधन मानते थे।
मुर्मू ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान भावी पीढ़ियों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करने को प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा, "इस अवसर पर, आइए हम अपने जीवन में डॉ. आंबेडकर के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लें तथा एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण के लिए काम करें, जिसमें सामाजिक सद्भाव और समानता की भावना समाहित हो।"
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, "हमारे संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।"
आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को महाराष्ट्र के एक दलित परिवार में हुआ था।
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