इस चैलेंज के जरिए ‘लू गहृग’ बीमारी से जुड़े अनुसंधान के लिए दुनिया भर से 20 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि इकट्ठी की गई। इस रोग को ‘एमियोट्रोफिक लैटरल स्लेरोसिस’ (एएलएस) भी कहा जाता है।
‘एएलएस एसोसिएशन’ ने बताया कि क्विन 2013 में अपने 30वें जन्मदिन से एक माह बाद इस बीमारी की चेपट में आ गए थे।
यह भी पढ़े | महात्मा गांधी के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया का कोरोना वायरस संबंधी जटिलताओं के कारण निधन.
उसने कहा, ‘‘ पैट ने एएलएस का सकारात्मकता एवं साहस के साथ सामना किया और अपने आसपास सभी लोगों को प्ररित किया। जो लोग उन्हें जानते हैं, वे उनके जाने से बेहद दुखी हैं लेकिन साथ ही उन्होंने एएलएस के खिलाफ लड़ाई के लिए जो काम किया, उसके लिए उनके आभारी भी हैं। पैट के परिवार, उनके दोस्तों और समर्थकों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। पैट से एएएलएस समुदाय समेत दुनिया भर में कई लोग प्यार करते थे।’’
पैट ने 2014 में पेशेवर गोल्फर क्रिस केन्नेडी को अपनी पत्नी की एक रिश्तेदार जीनेट सेनेरचिया को ‘आइस बकैट चैलेंज’ देते देखा था, जिन्होंने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर लोगों से ऐसा करने का आग्रह किया था और पैसे दान करने को भी कहा था। सेनेरचिया के पति भी एएलएस से पीड़ित हैं।
यह भी पढ़े | कनाडा में कोविड-19 के बढ़ रहे आंकड़े डराने वाले, तेजी से वृद्धि जारी.
इसके बाद ही, पैट और सह-संस्थापक पेटे फ्रैटस ने अपने दल के साथ इस चैलेंज को लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम किया ।
एपी निहारिका मानसी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY