जरुरी जानकारी | विदेशों में सुधार, त्योहारी मांग से लगभग सभी खाद्य तेल कीमतों में सुधार
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नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर विदेशी बाजारों में मजबूत रुख, विदेशों में डॉलर के मजबूत होने तथा स्थानीय त्योहारी मांग के कारण दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बुधवार को लगभग सभी खाद्यतेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।
बाजार सूत्रों ने बताया कि सरकार के सालाना 20-20 लाख टन सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के आयात को शुल्क मुक्त करने के बाद भी देश में इन तेलों की कम आपूर्ति की स्थिति बनी है क्योंकि आयात की मात्रा के मुकाबले घरेलू सालाना मांग काफी अधिक है। इन तेलों की बाकी मांग को आयात के माध्यम से पूरा करने के लिए आयातकों को 5.50 प्रतिशत का आयात शुल्क अदा करना होगा लेकिन इस शेष शुल्क अदायगी वाले तेल को शुल्कमुक्त आयातित तेल से ही प्रतिस्पर्धा करनी होगी जिसकी वजह से शेष आयातित तेल कीमतों पर दबाव बढ़ेगा।
इस परिस्थिति के मद्देनजर आयातक नये सौदे लेने से बच रहे हैं और जिस कारण से खाद्यतेलों के कम आपूर्ति की स्थिति पैदा हुई है। सूत्रों ने कहा कि इस स्थिति से आगे निकलने का एक रास्ता यह हो सकता है कि या तो सरकार शुल्क मुक्त आयात की सीमा को खत्म कर दे या पहले की तरह 5.50 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दे। इससे घरेलू बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ेगी और प्रतिस्पर्धा के कारण उपभोक्ताओं को सस्ता खाद्यतेल मिलेगा और सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति होगी।
सूत्रों ने बताया कि आगामी त्योहारों और सर्दियों के मद्देनजर खाद्यतेलों की मांग और बढ़ेगी और ऐसे में कम आपूर्ति की स्थिति को समाप्त करना समय की मांग है। जिन आयातकों ने महंगे भाव पर आयात कर रखा था उन्हें खाद्यतेलों के घरेलू दाम टूटने के कारण खरीद भाव के मुकाबले लगभग आधे दाम पर अपना माल बेचने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा विदेशों में डॉलर के महंगा होने से भी आयातक परेशान हैं और उनके बैंकों का कर्ज डूबने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में सूरजमुखी तेल की मांग के मुकाबले शुल्कमुक्त आयात की सीमा काफी कम है। सूरजमुखी तेल की घरेलू बाजारों की मांग का लगभग 95 प्रतिशत को आयात के माध्यम से पूरा किया जाता है। सोयाबीन के मामले में तो लगभग 20 लाख टन का घरेलू स्तर पर उत्पादन होता भी है।
सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग 2.5 प्रतिशत की तेजी है जबकि शिकागो एक्सचेंज कल रात लगभग 1.5 से दो प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था और फिलहाल इसमें मामूली तेजी है। विदेशी बाजारों की तेजी के असर से भी स्थानीय खाद्यतेल कीमतों में सुधार है।
बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन -7,025-7,050 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली -7,170-7,235 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,750 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,710-2,970 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,240-2,370 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,310-2,425 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,800-20,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,950 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,500 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 9,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,025-5,125 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 4,875-4,925 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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