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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण का बड़ा बयान- शिवसेना के साथ गठबंधन महाराष्ट्र तक ही सीमित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने रविवार को कहा कि शिवसेना संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का हिस्सा नहीं है और दोनों दलों के बीच गठबंधन महाराष्ट्र तक ही सीमित है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण का बड़ा बयान- शिवसेना के साथ गठबंधन महाराष्ट्र तक ही सीमित
अशोक चव्हाण (Photo Credits: PTI)

मुंबई, 27 दिसंबर: कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) ने रविवार को कहा कि शिवसेना (Shiv Sena) संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का हिस्सा नहीं है और दोनों दलों के बीच गठबंधन महाराष्ट्र (Maharashtra) तक ही सीमित है. इससे पहले शनिवार को शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कांग्रेस नीत संप्रग के विस्तार की बात कही थी. महाराष्ट्र के लोक निर्माण विभाग मंत्री चव्हाण ने संवाददाताओं से कहा कि ऐसे में शिवसेना को संप्रग के नेतृत्व को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. राज्य की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार का नेतृत्व शिवसेना कर रही है, जिसमें कांग्रेस और राकांपा भी शामिल है. महाराष्ट्र के PWD मंत्री अशोक चव्हाण ने कोरोना वायरस को दी मात, अस्पताल से मिली छुट्टी

उन्होंने कहा, '' शिवसेना को अभी संप्रग का हिस्सा बनना बाकी है. महाराष्ट्र में सेना के साथ हमारा गठबंधन न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर आधारित है और महाराष्ट्र तक सीमित है.'' राउत ने कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार को संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) समेत सभी दलों का समर्थन प्राप्त है, इस पर चव्हाण ने कहा कि संप्रग नेतृत्व के बारे में उद्धव ठाकरे नीत पार्टी को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, '' शरद पवार (Sharad Pawar) ने स्वयं उन अटकलों को खारिज किया है कि वह संप्रग के अगले अध्यक्ष होंगे. संप्रग के सहयोगी दलों को सोनिया गांधी के नेतृत्व में पूरा भरोसा है. ऐसे में इस विषय पर चर्चा करने की कोई आवश्यकता नहीं है.''

उल्लेखनीय है कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को संप्रग का दायरा बढ़ाने का आह्वान किया था और कहा कि विपक्ष को केंद्र के ‘तानाशाही रवैये’ के खिलाफ एकजुट होना चाहिए और केंद्र सरकार के खिलाफ ‘मजूबत विकल्प’ देना चाहिए.

उन्होंने कहा था, ‘‘सभी विपक्षी पार्टियों को केंद्र सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ एकसाथ आना चाहिए. कमजोर विपक्ष लोकतंत्र के लिए खराब है.’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 27, 2020 04:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).