देश की खबरें | विधायक और मंत्री के बीच कथित विवाद, सदन से निकले स्वास्थ्य मंत्री
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रायपुर, 27 जुलाई छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के बीच कथित विवाद के मुद्दे को लेकर विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामा हुआश, वहीं गृहमंत्री के बयान के बाद मंत्री सिंहदेव सदन से उठ कर चले गए।
सिंहदेव ने कहा है कि वह सदन की कार्यवाही में तब तक शामिल नहीं होंगे जब तक राज्य सरकार विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे देती है।
इधर इस मुद्दे को लेकर राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने मामले की विधानसभा की समिति से जांच कराए जाने की मांग की और हंगामा मचाया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्य के उत्तर क्षेत्र के रामानुजगंज विधानसभा सीट से सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के विधायक बृहस्पत सिंह ने रविवार को आरोप लगाया था कि उनके काफिले पर शनिवार शाम सिंहदेव के इशारे पर अंबिकापुर शहर में हमला किया गया था।
सिंह का कहना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रशंसा की थी जिसे लेकर सिंहदेव नाराज थे । विधायक ने यह भी आरोप लगाया था कि मंत्री से उनकी जान को खतरा है।
विधायक के आरोप के बाद सिंहदेव ने कहा था कि उनके क्षेत्र और राज्य के लोग उनके बारे में तथा उनकी छवि के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। उनके पास इस विषय पर कहने के लिए और कुछ नहीं है। सिंहदेव अंबिकापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं।
कांग्रेस विधायक का मंत्री पर आरोप के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को इस मुद्दे पर जमकर हंगामा मचाया और मामले की सदन की कमेटी से जांच कराने की मांग की।
मंगलवार को राज्य के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस महीने की 24 तारीख को विधायक सिंह के काफिले के साथ हुई घटना के संबंध में सदन में बयान दिया।
गृहमंत्री के जवाब से असंतुष्ठ विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक और भाजपा के अन्य विधायकों ने कहा कि गृह मंत्री के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री पर कांग्रेस विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों का संदर्भ नहीं है। दोनों नेताओं को इस मामले पर सदन में बयान देने के लिए कहा जाना चाहिए।
तब विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत ने कहा कि उन्हें विधायक या स्वास्थ्य मंत्री की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। वह किस आधार पर उन्हें इस मुद्दे पर बोलने के लिए कह सकते हैं।
सदन में इस मुद्दे पर हंगामे के बीच अचानक सिंहदेव अपने स्थान पर खड़े हुए और कहा, ‘‘अब बहुत हो गया। मैं भी एक इंसान हूं। मेरी छवि के बारे में सभी जानते हैं।’’
सिंहदेव ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर कहा कि आपके निर्देश पर कल मुख्यमंत्री ने हमें अपने कक्ष में बुलाया था और चर्चा (कथित विवाद पर) हुई थी। उसके बाद भी इतना सीमित बयान (गृह मंत्री की ओर से) सदन के सामने आया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘मै इस स्थिति में हूं कि जब तक सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब पेश नहीं करती है, तब तक मैं सदन में उपस्थित नहीं हो सकता हूं।’’
उन्होंने कहा कि मैं खुद को इस सदन की कार्यवाही में भाग लेने के लिए तब तक योग्य नहीं मानता जब तक कि सरकार मेरे संदर्भ में एक स्पष्ट उत्तर न दे दे।
इसके बाद सिंहदेव सदन से बाहर निकल गए और बाद में वह मीडिया को बयान देने से इनकार कर दिया और विधानसभा परिसर से भी निकल गए।
मंत्री सिंहदेव के सदन से जाने के बाद भाजपा सदस्यों ने इन विषय को लेकर जमकर हंगामा मचाया जिससे सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
बाद में जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल और अन्य सदस्यों ने मामले को उठाया और कहा कि किसी विधायिका के इतिहास में ऐसी घटना कभी नहीं हुई है जब किसी मंत्री ने अपनी ही सरकार के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया हो।
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