जरुरी जानकारी | कोविड-19 के इलाज में मुनाफाखोरी करने के आरोप पूरी तरह गलत: मैक्स हेल्थकेयर

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नयी दिल्ली, 13 जून मैक्स हेल्थकेयर ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 के इलाज में उसपर मुनाफाखोरी करने के बारे में लगाये जा रहे आरोप पूरी तरह से गलत हैं। उसने कहा कि इलाज की दरों को लेकर ट्विटर पर जो सूची वायरल हो रही है, उसमें पूरे तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है।

मैक्स ने यह स्पष्टीकरण ऐसे समय जारी किया है जब कोविड-19 के इलाज में निजी अस्पतालों द्वारा लिया जा रहा भारी-भरकम शुल्क सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर है।

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मैक्स हेल्थकेयर ने कहा कि सभी समावेशों के साथ कोविड-19 चिकित्सा प्रबंधन के लिये उसकी दरें इकोनॉमी के लिये 25,090 रुपये, ट्विन शेयरिंग वार्ड के लिये 27,100 रुपये, सिंगल वार्ड के लिये 30,400 रुपये, आईसीयू के लिये 53,000 रुपये और वेंटिलेटर वाले आईसीयू के लिये 72,500 रुपये है।

इसमें कमरे का किराया, इंटेंसिविस्ट विजिट, सीनियर कंसल्टेंट का दौरा, नर्सिंग शुल्क, नियमिति दी जाने वाली दवा और कोविड-19 इलाज के लिये सप्लीमेंट्स, चिकित्सा में काम आने वाले अन्य उत्पाद और सभी रूटीन पैथोलॉजी जांच शामिल हैं।

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अस्पताल ने कहा है, ‘‘हम 1,000 के करीब कोविड-19 बिस्तरों पर इलाज कर रहे हैं और अब तक 2,000 से अधिक कोविड-19 मरीजों का इलाज कर चुके हैं। हमारे 1,970 स्वास्थ्य कर्मचारी 24 घंटे मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। हमारे 427 स्वास्थ्यकर्मी खुद भी बीमार हुये हैं और उन्हें भर्ती किया गया है। हमारा 3,220 के करीब स्टाफ पृथक रखा गया है। पिछले ढाई माह से बीच बीच में उन्हें काम से हटाया भी जाता है, फिर भी हम लगातार सेवा कर रहे हैं।’’

मैक्स हेल्थकेयर के वरिष्ठ निदेशक एवं सीएफओ योगेश सरीन ने कहा, ‘‘इसके बावजूद हम पर मुनाफाखोरी का आरोप पूरी तरह से गलत है। हमारा साकेत स्थित अस्पताल पूरी तरह से कोविड-19 मरीजों का इलाज कर रहा है। मई 2020 से यह पूरी तरह से मरीजों की सेवा में है लेकिन उसे भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। यह भी तब है जब हमने अपने कई वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रबंधन के लोगों के वेतन में 20 से 50 प्रतिशत तक की कटौती की है।’’

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