देश की खबरें | देश में दो पासपोर्ट सेवा केंद्र में होंगी सभी महिला कर्मी

नयी दिल्ली, आठ मार्च विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने सोमवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में दो पासपोर्ट सेवा केंद्रों को ऐसे केंद्र के तौर पर बदला जाएगा जहां सभी कर्मी महिलाएं होंगी।

मुरलीधरन ने कहा कि चाहे पेशेवर हो या निजी, विभिन्न क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं के बीच संतुलन तैयार करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दो पासपोर्ट सेवा केंद्रों को ऐसे केंद्र के तौर पर बदला जाएगा जहां सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी। एक केंद्र नयी दिल्ली में आर के पुरम में और दूसरा केंद्र केरल के कोचीन में त्रिपुनितूरा में होगा।

पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम सरकार के सबसे सफल कार्यक्रमों में से एक है। इसके जरिए भारत के नागरिकों और देश के बाहर रह रहे भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं दी जाती है।

बयान में कहा गया कि यह कार्यक्रम डिजिटल भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है जिसका मकसद सभी हितधारकों के लिए एक डिजिटल व्यवस्था तैयार करना है जहां नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं घर पर मिले।

मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवा आपूर्ति में गुणात्मक और गुणवत्तापूर्ण बदलाव लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

बयान में कहा गया कि मौजूदा 36 पासपोर्ट कार्यालयों के अलावा 93 पासपोर्ट केंद्र और 426 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा विदेश में 190 भारतीय मिशन के लिए भी कार्यक्रम को विस्तारित किया गया।

मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों से नागरिकों को पारदर्शी, विश्वसनीय तरीके से समय पर पासपोर्ट सेवा की आपूर्ति में मदद मिली।

इसके अलावा मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने के कदम भी उठाए हैं। कार्यक्रम के तहत कुल 1670 महिलाओं की तैनाती की गयी।

कार्यक्रम के जरिए अब तक 2.76 करोड़ से ज्यादा आवेदकों को पासपोर्ट जारी किए गए। पिछले तीन साल में महिला आवेदकों को 1.03 करोड़ पासपोर्ट जारी किए गए जो कि कुल आवेदकों में 35 प्रतिशत हैं।

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