विदेश की खबरें | समरकंद शिखर बैठक में एससीओ के सभी नेता भाग लेंगे : रूसी राजनयिक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीन में रूस के राजदूत एंद्रे देनिसोव ने बुधवार को कहा कि अगले सप्ताह उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाली दो दिवसीय शिखर बैठक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सभी नेता हिस्सा लेंगे।
बीजिंग, सात सितंबर चीन में रूस के राजदूत एंद्रे देनिसोव ने बुधवार को कहा कि अगले सप्ताह उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाली दो दिवसीय शिखर बैठक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सभी नेता हिस्सा लेंगे।
देनिसोव के इस बयान को कोविड-19 के बाद एससीओ नेताओं की व्यक्तिगत उपस्थिति वाली पहले शिखर बैठक की पहली आधिकारिक पुष्टि के तौर पर देखा जा रहा है जिसका सदस्य भारत भी है।
उन्होंने कहा, ‘‘10 दिनों से कम समय में हमारे एससीओ नेताओं की नियमित बैठक समरकंद में होगी, हम उसकी तैयारी कर रहे हैं।’’
रूस की आधिकारिक समाचार एजेंसी तास ने रूसी अधिकारी को उद्धृत किया, ‘‘ मोटे, तौर पर यह बैठक रोचक होने वाली है क्योंकि महामारी के बाद यह पहला पूर्ण शिखर बैठक होगी।’’
गौरतलब है कि एससीओ का मुख्यालय बीजिंग है और इसके आठ सदस्य हैं जिनमें चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं।
राजनयिक सूत्रों ने बताया कि मेजबान उज्बेकिस्तान ने अनौपचारिक रूप से सभी नेताओं के बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। हालांकि, चीन, भारत और पाकिस्तान ने अबतक आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं है कि 15-16 सितंबर को होने वाले बैठक में उनके नेता भागीदारी करेंगे या नहीं।
देनिसोव ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन एससीओ बैठक से इतर द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे और यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी।
देनिकोव के बयान पर जब चीन के विदेश मंत्रालय की नवनियुक्त प्रवक्ता माओ निंग से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
अगर सभी नेता इस बैठक में हिस्सा लेते हैं तो मध्य एशियाई देशों के इस समूह के नेताओं को सम्मेलन के इतर एक दूसरे से मुलाकात करने का मौका मिलेगा।
गौरतलब है कि कोविड-19 की वजह से एसीसीओ की 2020 में शिखर बैठक मॉस्को में ऑनलाइन माध्यम से हुई था जबकि पिछले साल दुशांबे बैठक ‘‘हाइब्रिड’’ (व्यक्तिगत उपस्थिति और ऑनलाइन दोनों का विकल्प) तरीके से हुई थी।
देनिसोव ने कहा, ‘‘यह नहीं कहना चाहता कि ऑनलाइन बैठक पूर्ण बैठक नहीं थी, लेकिन फिर भी नेताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद के दौरान चर्चा की गुणवत्ता अलग ही होती है।’’
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