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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी से सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार, मूंगफली के भाव स्थिर

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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में तेजी से सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार, मूंगफली के भाव स्थिर

नयी दिल्ली, सात नवंबर विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को अधिकांश तेल-तिलहन के दाम में सुधार देखने को मिला। आवक बढ़ने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी का रुख है। शिकॉगो एक्सचेंज कल रात भी 2-2.5 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि देश के मूंगफली पेराई करने वाली तेल मिलों और मूंगफली किसानों को मूंगफली की निर्यात मांग बढ़ने का इंतजार है। जबकि आवक बढ़ने की वजह से देश की मंडियों में मूंगफली न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक रही है। चीन जैसे बाजारों की निर्यात मांग कम होने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव जस के तस बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि जाड़े की मांग होने के कारण सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार है। बाजार में ऐसी चर्चा है कि सरसों का स्टॉक अनुमान से कम है और इसलिए सरकार को बहुत सोच समझकर इसकी बिक्री करने के बारे में ध्यान देना होगा। सरकार को सरसों की बिक्री, स्टॉकिस्टों और व्यापारियों के स्थान पर तेल मिलों को करने के बारे में ध्यान देना होगा क्योंकि तेल मिलें इसे बाजार में बेचेंगी जबकि व्यापारी इसे आगे मुनाफा कमाने के लिए सरसों का स्टॉक जमा कर सकते हैं। अगली फसल के आने में समय है और तब तक के लिए सरसों की संभाल कर बिक्री करनी चाहिये कि आगे कमी की स्थिति न पैदा हो।

उन्होंने कहा कि नरम तेलों की मांग बढ़ने के बीच सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में मामूली सुधार है। वैसे कल के मुकाबले कीमत में इस सुधार के बावजूद सोयाबीन एमएसपी से कम ही दाम पर बिकना जारी है। इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।

सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि कपास के किसानों को गुजरात के मेहसाणा में कपास नरमा के 6,800-7,700 रुपये क्विंटल (नमी वाले और बेहतर फसल के हिसाब से) का बेहतर दाम मिल रहा है। लेकिन इसके बावजूद कपास की आवक कम हो रही है जो कल के लगभग 30 ट्रक से घटकर 14-15 ट्रक रह गई है। किसान सूझबूझ के साथ कपास नरमा की बिक्री कर रहे हैं और अफवाहों से बच रहे हैं। कपास-नरमा के अच्छे दाम मिलने के कारण बिनौला तेल कीमतों में भी सुधार है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,600-6,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,450-6,725 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,300-2,600 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,290-2,390 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,290-2,415 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,400 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,575-4,625 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,275-4,310 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,200 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 07, 2024 08:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).