देश की खबरें | अखिलेश यादव ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई को लेकर की भाजपा सरकार की आलोचना

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लखनऊ, 27 फरवरी समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस कदम से पूरा बीमा उद्योग खतरे में पड़ गया है।

यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बीमा पॉलिसीधारकों के नाम संदेश में कहा, "प्रिय भारत के बीमाधारकों, बीमा जैसे संवेदनशील-संकटकालीन उपचार में 100 फीसदी विदेशी पूंजी निवेश को अनुमति देना क्या भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा ‘बीमा क्षेत्र’ को ही जोखिम में डालना नहीं है?"

उन्होंने कहा कि कई बार विभिन्न कारणों से वैदेशिक संबंधों में उतार-चढ़ाव और खटास के दौर भी आते हैं। ऐसे में कुछ भी व्यवधान आया तो विदेशी कंपनी की ज़िम्मेदारी और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाएगी? इस अनिश्चितता का बीमा कौन करेगा?

यादव ने सवाल किया ‘‘क्या अपने देश के बीमाधारकों के अधिकारों की 100 फीसदी गारंटी लेने के लिए भाजपा जैसी जुमला सरकार पर देशवासी भरोसा कर सकते हैं?"

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इन नये प्रावधानों से विदेशी बीमा कंपनियों के हितों की तो 100 फीसदी सुरक्षा हो जाएगी लेकिन बीमा लेने वाले देशवासियों का क्या होगा ?

उन्होंने कहा कि ये विदेशी कंपनियाँ जमा हुई बीमा राशि को देश में ही निवेश करती हैं फिर भी यह सवाल तो उठेगा ही कि क्या वे लाभ का आधा भी हमारे देश में लगाएंगी या पूरा ही अपने देश ले जाएंगी। ‘‘ये बातें साफ होनी चाहिए। इस मामले में जल्दबाज़ी अच्छी नहीं है।"

सपा प्रमुख ने कहा, "भाजपा सरकार यह भी गारंटी दे कि वह विदेशी कंपनियों के लाभ में से चंदा वसूली कर, पीठ पीछे प्रीमियम बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका नहीं डालेगी। अगर भाजपा को सच में जनता का ख़्याल है तो उन्होंने अपने शासन काल में बीमा प्रीमियम पर जो टैक्स थोप दिया है, उसे हटाए।"

उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवा का दायरा बढ़ाकर लोगों की जीवन प्रत्याशा बढ़ाने और उनको मेडिकल के ख़र्चों से बचाने की ज़िम्मेदारी सरकार की ही है, ऐसे में वह जीवन बीमा या स्वास्थ्य-चिकित्सा बीमा जैसे जनता से सीधे जुड़े क्षेत्रों पर टैक्स लेने का अधिकार नहीं रखती है।

यादव ने कहा, "भाजपा की सबसे बड़ी कमी यही है कि वह जनता को ‘नागरिक’ नहीं, ‘ग्राहक’ समझती है। भाजपा की सोच व्यावसायिक है, इसीलिए वह ‘लाभ’ के बारे में सोचती है, जनकल्याण के बारे में नहीं।"

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 74 से 100 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की थी। इससे वैश्विक बीमा दिग्गजों के प्रवेश, पर्याप्त विदेशी निवेश और भारतीय बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का मार्ग प्रशस्त हुआ।

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