अमृतसर, 21 अप्रैल अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने भगोड़े कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर को यहां एक हवाई अड्डे पर ब्रिटेन जाने से रोके जाने की शुक्रवार को आलोचना की।
कौर को बृहस्पतिवार को यहां श्री गुरु राम दास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लंदन जाने वाले एक विमान में सवार होने से रोक दिया गया था। आव्रजन अधिकारियों और कुछ अन्य अधिकारियों ने कौर से तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की और फिर उन्हें छोड़ने आए कुछ रिश्तेदारों के साथ वापस लौटा दिया।
ब्रिटिश नागरिक कौर लंदन जाने वाली उड़ान में सवार होने के लिए दोपहर के करीब हवाई अड्डे पर पहुंचीं, लेकिन आव्रजन कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया और पंजाब पुलिस को इसकी सूचना दी।
अमृतपाल ने 10 फरवरी को ब्रिटेन में बसी अनिवासी भारतीय कौर से शादी की थी।
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने यहां जारी एक वीडियो बयान में कहा कि कौर को अमृतसर के एक हवाई अड्डे पर रोकना किसी भी तरह से सही नहीं है, क्योंकि वह अपने मायके जा रही थीं।
अकाल तख्त के जत्थेदार ने कहा कि सरकारों को क्षेत्र में दहशत का माहौल नहीं बनाना चाहिए और कौर को नहीं रोका जाना चाहिए था।
सिंह ने कहा कि पुलिस पहले भी कई बार कौर के घर गई थी और उनसे और उनके परिवार से पूछताछ की थी।
उन्होंने कहा, "इसके अलावा, वह एक ब्रिटिश नागरिक हैं। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और अगर सरकार उनसे कुछ पूछना या जानना चाहती है, तो उन्हें सम्मानपूर्वक उनके घर पर जाना चाहिए।"
सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कौर को रोकने की निंदा की।
एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन युवाओं में दहशत का माहौल बना रहा है।
धामी ने एक बयान में कहा कि पंजाब में बेटियों और बहनों की रक्षा व सम्मान का इतिहास रहा है, लेकिन मौजूदा सरकार के लिए यह सही नहीं है कि वह बेटियों पर शक करते हुए उन्हें इस तरह रोके।
उन्होंने कहा, “ऐसी हरकतें सरकार को शोभा नहीं देतीं। इनसे पंजाब की आस्था का अपमान होता है।”
धामी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार है कि वह अपने परिवार से मिले और कहीं भी जाए।
उन्होंने कहा, “बिना आरोप के किसी को हिरासत में लेना मानवाधिकारों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है और सरकार को ऐसे कृत्यों से बचना चाहिए।”
पंजाब पुलिस ने 18 मार्च को अमृतपाल सिंह और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन वह अब भी फरार है।
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