देश की खबरें | दिवाली के एक दिन बाद हरियाणा और पंजाब में वायु गुणवत्ता खराब हुई

चंडीगढ़, पांच नवंबर हरियाणा और पंजाब में दीपावली की रात बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़े जाने के बाद शुक्रवार को कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।

विभिन्न स्थानों, खासकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोगों को आज धुंध की मोटी परत से रू-ब-रू होना पड़ा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह फरीदाबाद (454), गुरुग्राम (473), सोनीपत (411), रोहतक (449), हिसार (421) का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

करनाल में 304 एक्यूआई के साथ वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही। अम्बाला (268) और पंचकुला (157) में वायु गुणवत्ता क्रमश: ‘खराब’ और ‘मध्यम’ श्रेणी की दर्ज की गई।

पड़ोसी राज्य पंजाब के लुधियाना का एक्यूआई 300 था, जो ‘खराब’ श्रेणी है, जबकि जालंधर और पटियाला में क्रमश: 348 और 263 के एक्यूआई के साथ वायु की गुणवत्ता क्रमश: ‘बहुत खराब’ और ‘खराब’ दर्ज की गई।

दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में एक्यूआई 152 था, जो मध्यम दर्जे का था।

शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच के एक्यूआई को ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 तक को ‘खराब’, 301 और 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को ‘गंभीर’ माना जाता है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहरों -फरीदाबाद और गुरुग्राम- में देर रात तक पटाखे जलाए गए।

हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपने 14 जिलों में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था।

पंजाब और हरियाणा में दीपावली बड़े ही हर्षोल्लास और जोश के साथ मनाई गई।

पंजाब ने दो घंटे यानी रात 8 बजे से 10 बजे तक केवल हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दी थी।

चंडीगढ़ प्रशासन ने भी हाल ही में किसी भी तरह के पटाखों की बिक्री या इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

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