नयी दिल्ली, एक मई अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) आईलीग में टीमों की संख्या में इजाफा करने की योजना बना रहा है और उसे अपनी लीग समिति की सिफारिश मिली है कि टीम में पंजीकृत विदेशी खिलाड़ियों की संख्या पांच तक सीमित की जाए और एकादश में तीन खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले।
सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई लीग समिति की बैठक में इन सिफारिशों को पारित किया गया।
एआईएफएफ ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘समिति के एजेंडे में पहली बात आईलीग में टीमों की संख्या में वृद्धि करना था, जिसके लिए इसके सदस्यों द्वारा यह सिफारिश की गई कि आकांक्षी क्लबों और/या विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के निवेशकों को मौका देने के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था के तहत बोली आमंत्रित की जाए। ’’
नई दिल्ली, बेंगलुरू, पुणे, गुरुग्राम, चेन्नई, मुंबई, अहमदाबाद, गुवाहाटी और नोएडा को टियर-एक शहरों के रूप में पहचाना गया है जहां से संभावित क्लब आईलीग में जगह के लिए बोली लगा सकते हैं।
बोली के लिए टियर-दो के जिन शहरों की पहचान की गई उनमें रांची, ईटानगर, जालंधर, लुधियाना, फगवाड़ा, कोयंबटूर, मंजेरी, तिरुवनंतपुरम, भोपाल और शिलांग शामिल हैं।
समिति ने यह भी सुझाव दिया कि टियर-तीन शहरों के इच्छुक क्लबों से भी बोलियां आमंत्रित की जाएं।
पंचायतों के नियंत्रण वाले किसी भी गांव की टीम भी बोली लगा सकती हैं, बशर्ते उनके पास एक स्टेडियम, प्रशिक्षण सुविधाएं हों जो किसी भी घरेलू हवाई अड्डे से 200 किमी से अधिक की दूरी पर नहीं हो।
बयान के अनुसार, ‘‘समिति ने सिफारिश की कि टियर एक और दो के संभावित क्लबों के लिए न्यूनतम बोली मूल्य क्रमशः पांच करोड़ और ढाई करोड़ रुपये होगी जबकि टियर-तीन बोलीदाताओं के लिए न्यूनतम बोली एक करोड़ रुपये होगी।’’
टियर-एक और दो के शहरों से बोली जीतने पर दो सत्र के लिए निचली लीग में खिसकने से बचाव होगा जबकि टियर-तीन शहरों के लिए यह सीमा एक साल होगी।
टियर-एक शहरों के बोलीदाताओं के पास न्यूनतम नेटवर्थ 100 करोड़ रुपये होनी चाहिए जबकि टियर -दो और टियर-तीन के के शहरों के यह सीमा न्यूनतम 50 और 40 करोड़ रुपये है।
महासंघ ने कहा, ‘‘समिति ने लीग में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या के मानदंडों पर भी विचार-विमर्श किया और सुझाव दिया कि हीरो आई लीग में अधिक भारतीय खिलाड़ियों को अवसर प्राप्त करने की अनुमति देने के लिए विदेशियों का कोटा कम किया जाए।’’
यह सिफारिश की गई थी कि क्लबों को टीम में अधिकतम पांच विदेशी खिलाड़ियों को पंजीकृत करने की अनुमति दी जाए और एकादश में अधिकतम तीन विदेशी खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा जाए। समिति ने सुझाव दिया कि क्लबों के लिए एशियाई कोटा खिलाड़ी से अनुबंध करना अनिवार्य नहीं होगा।
बैठक की अध्यक्षता लीग समिति के प्रमुख लालघिंगलोवा हमार ने की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY