देश की खबरें | ओबीसी के लिए मेडिकल पाठ्यक्रमों में 50 फीसदी आरक्षण की मांग के साथ उच्च न्यायालय पहुंचा अन्नाद्रमुक
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चेन्नई, 13 जून तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक और एमडीएमके ने मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर अखिल भारतीय कोटा के लिए राज्य की तरफ से दिए गए मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की खातिर 50 फीसदी आरक्षण की मांग की है।
विपक्षी द्रमुक ने इस सिलसिले में पहले ही याचिका दायर कर रखी है। उच्चतम न्यायालय ने इस बारे में उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया था।
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अन्नाद्रमुक की तरफ से विल्लुपुरम के जिला सचिव और कानून मंत्री सी. वे. षण्मुगम ने याचिका दायर की।
एमडीएमके के संस्थापक नेता वाइको ने भी अदालत में याचिका दायर की है।
अन्नाद्रमुक ने अपने हलफनामे में केंद्र की गड़बड़ी बताई और कहा कि अखिल भारतीय कोटा में राज्य की तरफ से दिए गए सीटों पर वह 2018-19 और 2019-20 के लिए आरक्षण नहीं दे रहा है। इसने कहा कि परास्नातक पाठ्यक्रमों में केवल 220 ओबीसी उम्मीदवारों को नामांकन दिया गया जबकि उन्होंने 7982 सीटों में से 2152 पर दावा किया था और स्नातक पाठ्यक्रमों में केवल 66 ओबीसी छात्रों को दाखिला मिला।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अखिल भारतीय कोटा में एमबीबीएस की 4061 सीटें थीं जिनमें से 50 फीसदी सीट (2030 सीट) पर ओबीसी उम्मीदवारों को नामांकन दिया जाना चाहिए था।
याचिकाकर्ता ने केंद्र को निर्देश देने की मांग की कि तमिलनाडु द्वारा अखिल भारतीय कोटा में दिए गए सीटों में से 50 फीसदी सीट ओबीसी के लिए आरक्षित किए जाएं।
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