देश की खबरें | विषय वस्तु प्रारूप को बदल रही है एआई ; विश्वसनीयता बनाए रखना चुनौती: ‘टाइम्स ग्रुप’ के एमडी विनीत जैन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ‘टाइम्स ग्रुप’ के प्रबंध निदेशक विनीत जैन ने रविवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय वस्तु प्रारूप को बदल रही है, पाठकों की रुचि के अनुसार समाचारों को तैयार कर रहा है और इसे सुगम्य तरीके से भाषाई विविधताओं से परे ले जा रहा है।

नयी दिल्ली, 27 अगस्त ‘टाइम्स ग्रुप’ के प्रबंध निदेशक विनीत जैन ने रविवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय वस्तु प्रारूप को बदल रही है, पाठकों की रुचि के अनुसार समाचारों को तैयार कर रहा है और इसे सुगम्य तरीके से ई विविधताओं से परे ले जा रहा है।

‘एक्सचेंज4मीडिया’ के ‘न्यूजनेक्स्ट समिट’ में जैन ने कहा कि जैसे-जैसे प्रसारण, डिजिटल प्रौद्योगिकी और एआई के नए क्षेत्र खुलेंगे, चुनौती नैतिक मानकों को बरकरार रखने, विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सटीक जानकारी देने और यह सुनिश्चित करने की होगी कि एल्गोरिदम निष्पक्ष और सामग्री भरोसेमंद रहे।

जैन ने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास रहा है कि कड़ी मेहनत से प्राप्त स्वतंत्रता की बाहरी खतरों से रक्षा करने में संपादकीय टीम श्रेष्ठ स्व नियामक है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज, हम एक नए अध्याय की दहलीज पर खड़े हैं जहां नवाचार हमारा सहयोगी है और सत्य हमारा मार्गदर्शक सितारा है। इस विमर्श में याद रखें कि समाचार का सार कायम है। हम समय के हिसाब से ढलते हैं, लेकिन हमारा उद्देश्य- सूचित करना, प्रेरित करना, और सशक्त बनाना- अपरिवर्तित रहता है।’’

‘टाइम्स ग्रुप’ के मुख्य कंटेंट आर्किटेक्ट के रूप में जैन ने कहा कि वह मीडिया को लोकतांत्रिक बनाने और अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग करके युवा और बड़े दर्शकों के लिए समाचारों को सुलभ बनाने के मूल विश्वास से प्रेरित रहे हैं।

जैन ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा ऐसी पत्रकारिता पर जोर दिया है, जहां मुद्दों को उजागर और रिपोर्ट करने के साथ समाधान भी पेश किया जाए। जैन ने कहा कि एआई परंपरा को बदलने के बारे में नहीं बल्कि इसे बढ़ाने के बारे में है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक ऐसी दुनिया की कल्पना करें जहां समाचार सटीक रूप से आपकी रुचियों के अनुरूप होते हैं, जहां डेटा गहन विचार वाली कहानियों में बदल जाता है। एआई बिजली की गति से तथ्यों की जांच करता है और सच्चाई की रक्षा करता है।’’

जैन ने साथ ही कहा, ‘‘ संबंधी बाधाएं खत्म हो जाती हैं, जिससे समाचारों को ई विविधता से परे जाने की अनुमति मिलती है, जो कि भारत जैसे कई ओं और संस्कृतियों वाले देश के लिए एक आवश्यक परिवर्तन है।’’

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