जरुरी जानकारी | कर्नाटक के कृषि मंत्री ने विभिन्न पहलों के लिए केन्द्र से 2,036 करोड़ रुपये मांगे

नयी दिल्ली, 27 अगस्त कर्नाटक के कृषि मंत्री बी सी पाटिल ने बृहस्पतिवार को सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण और मृदा स्वास्थ्य जांच प्रयोगशाला की स्थापना के लिए केंद्रीय योजनाओं के तहत 2,036 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की।

उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में अभी तक खरीफ बुवाई के रकबे में वृद्धि के बीच किसानों की सहायता के लिए ये पहल आवश्यक हैं।

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपे ज्ञापन में पाटिल ने प्रधान मंत्री कृषि सिचाई योजना-प्रति बूंद अधिक फसल (पीडीएमपी) घटक के तहत 521.96 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान मांगा ताकि अधिक से अधिक किसानों को सूक्ष्म सिंचाई का लाभ मिल सके।

इसके अलावा, पाटिल ने कृषि यांत्रिकीकरण योजना पर उप मिशन के तहत अतिरिक्त 135 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की, ताकि अधिक किसानों को मशीनीकरण का लाभ प्रदान किया जा सके।

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प्रदेश के मंत्री ने कर्नाटक में 6,000 ग्राम पंचायतों में मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए मृदा स्वास्थ्य मिशन के तहत लगभग 180 करोड़ रुपये की निधि की भी मांग की।

कर्नाटक के कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में 53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र वैज्ञानिक जल संभरण उपचार के लिए उपलब्ध है, उन्होंने वाटरशेड विकास कार्यक्रमों के लिए धन की मांग की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के वाटरशेड कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020-21 से वर्ष 2029-30 तक 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के उपचार के लिए सालाना लगभग 1,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

राजेश

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