देश की खबरें | कृषि किसान: पंजाब के किसान संगठन बुधवार को करेंगे केंद्र सरकार के साथ बातचीत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब में आंदोलनरत विभिन्न किसान संगठनों ने मंगलवार को नयी दिल्ली में कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के साथ बुधवार को बातचीत करने का निर्णय लिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

(आठवें पैरे में सुधार के साथ) चंडीगढ़, 13 अक्टूबर पंजाब में आंदोलनरत विभिन्न किसान संगठनों ने मंगलवार को नयी दिल्ली में कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के साथ बुधवार को बातचीत करने का निर्णय लिया।

यहां विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक में यह फैसला किया गया।

यह भी पढ़े | Temple Re-Opening in Maharashtra: मंदिर खोलने को लेकर शरद पवार ने लिखी पीएम मोदी को लिखा पत्र, राज्यपाल की पर उठाए सवाल.

भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने यहां मीडिया को बताया कि केंद्र के साथ बातचीत के लिए सात सदस्यीय समिति बनायी गयी है।

राजेवाल ने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि इस बैठक में हिस्सा लेंगे। ’’

यह भी पढ़े | Uttar Pradesh: लॉकडाउन के 6 महीने के बाद उत्तर प्रदेश में मल्टीप्लेक्स और सिनेमाहॉल केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 15 अक्टूबर से खुलेंगे.

इस समति में बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शनपाल, जगजीत सिंह डालेवाल, जगमोहन सिंह, कुलवंत सिंह, सुरजीत सिंह और सतमान सिंह साहनी शामिल किये गये हैं।

सोमवार को किसान संघर्ष समिति ने केंद्रीय कृषि विभाग द्वारा 14 अक्टूबर को बुलायी गयी बैठक में नहीं जाने का निर्णय लिया था।

किसान संगठनों ने पिछले सप्ताह भी आठ अक्टूबर को उनकी चिंताओं के समाधान के लिए बुलाये गये सम्मेलन में हिस्सा लेने के केंद्र के न्यौते को ठुकरा दिया था। इन संगठनों के आंदोलन से राज्य में रेल यातायात बाधित हुआ और ताप विद्युत संयंत्रों की कोयला आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुआ।

राजेवाल ने कहा कि केंद्रीय कृषि (रिपीट) कृषि विभाग के सचिव के निमंत्रण के अनुसार केंद्र उनसे बातचीत करना चाहता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम जा रहे हैं, क्योंकि हम निमंत्रण को ठुकराते रहे तो वे कहेंगे कि हम किसी वार्ता के लिए तैयार नहीं हैं। हम उन्हें कोई बहाना नहीं देना चाहते। हम वहां जायेंगे।’’

पंजाब में किसान मांग कर रहे हैं कि संसद से हाल ही पारित किये गये तीनों कानून निरस्त किये जाएं।

राजकुमार माधव

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\