गुवाहाटी, 24 अगस्त नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने बृहस्पतिवार को असम स्थित कंपनी के पेट्रोलियम उत्पादों को बांग्लादेश तक परिवहन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एक अधिकारी ने कहा कि यह समझौता असम के जोगीघोपा में आईडब्ल्यूएआई के उन्नत घाट के माध्यम से ऐसे उत्पादों की आपूर्ति के लिए किया गया है।
एनआरएल ने अपने विस्तारित रिफाइनरी और पेट्रोरसायन संयंत्र के चालू होने पर जोगीघोपा घाट के माध्यम से बांग्लादेश को प्रतिवर्ष दो लाख टन उत्पादों का निर्यात करने की परिकल्पना की है।
केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री रामेश्वर तेली की उपस्थिति में एनआरएल के मुख्य महाप्रबंधक (विपणन) सुब्रत दास और आईडब्ल्यूएआई के निदेशक ए सेल्वा कुमार ने यहां एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर सोनोवाल ने कहा कि एनआरएल और आईडब्ल्यूएआई के बीच सहयोग से केंद्र की ‘गति शक्ति’ पहल और ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एनआरएल अधिकारी ने कहा कि ‘इसी साल भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (आईबीएफपीएल)’ के उद्घाटन और इसके चालू होने के बाद पड़ोसी देश, विशेष रूप से सर्दियों में जलमार्ग के माध्यम से उत्तरी बांग्लादेश में ईंधन परिवहन में सहयोग करने का इच्छुक है।
पेट्रोलियम कंपनी वर्तमान में 28,000 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृत लागत पर अपनी रिफाइनरी को 30 से 90 लाख टन सालाना तक बढ़ाने की एक परियोजना लागू कर रही है, जिसे 2025 की शुरुआत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
एनआरएल और आईडब्ल्यूएआई ने राष्ट्रीय जलमार्गों का उपयोग करके समुद्री मार्गों के माध्यम से माल परिवहन के लिए 2021 में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY