देश की खबरें | आजीसीबी के दूसरे परिसर का नाम एम एस गोलवलकर के नाम पर रखा जाएगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने शुक्रवार को कहा कि राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलोजी (आरजीसीबी) का दूसरा परिसर राष्ट्र को समर्पित किये जाने के लिए तैयार है और यह ज्ञान तथा मध्य एवं उच्च स्तर के नवोन्मेष का एक बड़ा केंद्र होगा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

तिरुवनंतपुरम, चार दिसंबर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने शुक्रवार को कहा कि राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलोजी (आरजीसीबी) का दूसरा परिसर राष्ट्र को समर्पित किये जाने के लिए तैयार है और यह ज्ञान तथा मध्य एवं उच्च स्तर के नवोन्मेष का एक बड़ा केंद्र होगा।

मंत्री ने कहा कि इस परिसर का नाम (आरएसएस के दिवंगत विचारक) एम एस गोलवलकर के नाम पर रखा जाएगा।

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उन्होंने कहा, ‘‘ मैं खुश हूं कि इस अनुसंधान केंद्र का नाम ‘श्री गुरूजी माधव सदाशिव गोलवलकर नेशनल सेंटर फॉर कम्प्लेक्स डिजीज इन कैंसर एंड वायरल इनफेक्शन’ रखा जाएगा।’’

वह 22-25 दिसंबर के बीच इंडिया होने वाले इंटरेनशनल साइंस फेस्टिवल के छठे अंक की आरजीसीबी द्वारा ऑनलाइन आयोजित पूर्वपीठिका सत्र को संबोधित कर रहे थे।

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मंत्री ने डिजिटल माध्यम से कहा कि यह नया परिसर गहरे और उन्नत प्रौद्योगिकी मंचों की बुनियाद पर बनाया गया है और यह यह ज्ञान तथा मध्य एवं उच्च स्तर के नवोन्मेष का एक बड़ा केंद्र होगा। उनका कहना था कि यहां बहुविषयक पाठ्यक्रम होंगे जो वृद्धि एवं नवोन्मेष के बीज बोएंगे।

हर्षवर्द्धन ने कहा कि भारत कोविड-19 महामारी की कठिनाइयों से पार पाएगा क्योंकि देश में वैज्ञानिक कठिन परिश्रम कर रहे हैं और कुछ भी देश को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता।

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